डायबिटीज के मरीजों के लिए खतरा हैं घुटनों के नीचे लाल-भूरे धब्बे

डायबिटीज के मरीजों को कोई एक समस्या नहीं होती है, बल्कि ऐसी अनेकों समस्याएं है जो मधुमेह रोगियों को होती है। अब बार-बार पेशाब आना हो, जल्दी घाव नहीं भरना हो या फिर त्वचा की खतरनाक समस्या नेक्रोबायोसिस लिपोइडिका (NL) हो, ये डायबिटीज के रोगियों को ज्यादा होती हैं।

वैसे तो त्वचा की समस्या किसी को भी हो सकती है और सबसे बड़ी बात यह है कि सर्दियों में त्वचा की समस्याएं गर्मियों से भी ज्याव होती हैं। लेकिन त्वचा की इस बीमारी का सदी या गर्मी से कोई बहुत बड़ा कनेक्शन नहीं है, क्योंकि यह एक दुर्लभ बीमारी है और यह किसी को भी हो सकती है।

 नेक्रोबायोसिस लिपोइडिका लंबे समय तक रहने वाली त्वचा की बीमारी होती है जिसका सीका संबंध सूजन से होता है। इसके गंभीर मामलों में त्वचा पर लाल-भूरे रंग के चकत्ते  दिखाई देते हैं। हैरान करने वाली बाव यह है कि यह बीमारी डायबिटीज के मरीजों में ज्याव होती है। इस बीमारी में त्वचा की सतह पर उभरे हुए थब्बे होते हैं जो ज्यादतर घुटनों के नीचे दिखाई देते हैं। गौर करने की बाव यह है कि समय रहते अगर इस बीमारी का इलाजनहीं हो, तो इसके छोटे घाव बहुत जल्दी नासूर बन जाते हैं।

नेक्रोबायोसिस लिपोइडिका के लक्षण

  • लाल दाने से शुरू होकर बड़ा धब्बा बनना।
  • प्रभवित जगह की त्वचा का पतल होना और नसे दिखना।
  • दर्द के साथ खुजली चलना।
  • त्वचा का रंग पीला या सोम जैसा हो जाना।

नेक्रोबायोसिस लिपोइडिका के कारण

  • डायबिटीज का मरीज होना।
  • रक्त वाहिकाओं में सूजन आना।
  • पैरों में चोट लगना।

नेक्रोबायोसिस लिपोइडिका से बचने के उपाय

  • ब्लड शुगर हमेशा नियंत्रण में रखें।
  • अपने पैरों की सुरक्षा करें और चोट लगने से बचाए।
  • धूम्रपान और शराब से दूर रहें।