‘गोमांस’ मुद्दे पर कांग्रेस ने मांगा महापौर का इस्तीफा; वेटनरी डॉक्टर बेनीप्रसाद गौर सस्पेंड

राजधानी के स्लॉटर हाउस में संदिग्ध गोमांस मिलने का मामला अब सियासी जंग में तब्दील हो चुका है। मंगलवार को नगर निगम परिषद की बैठक हंगामे की भेंट चढ़ गई। जहाँ कांग्रेस पार्षदों ने महापौर के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी की, वहीं भाजपा पार्षदों ने भी अपनी ही सत्ता के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।

परिषद के भीतर का नजारा

बैठक शुरू होते ही विपक्षी कांग्रेस पार्षद पोस्टर और बैनर लेकर अध्यक्ष की आसंदी के सामने पहुंच गए। विपक्ष ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में सिर्फ ठेकेदार ही नहीं, बल्कि बड़े नेता और अधिकारी भी शामिल हैं। कांग्रेस ने महापौर मालती राय और एमआईसी के इस्तीफे की मांग की।

हैरानी की बात यह रही कि भाजपा पार्षद देवेंद्र भार्गव भी अपनी जैकेट पर विरोध के कागज चस्पा कर सदन में पहुंचे। भाजपा के वरिष्ठ पार्षद सुरेंद्र बाठिका और पप्पू विलास घाड़गे ने भी आक्रोश व्यक्त किया। एमआईसी मेंबर आरके सिंह बघेल ने मामले की जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति बनाने की मांग रखी।

मंत्री की बड़ी कार्रवाई: डॉक्टर सस्पेंड

मामले की गंभीरता को देखते हुए नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने नगर निगम के पशु चिकित्सक बेनीप्रसाद गौर को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करने के आदेश जारी कर दिए हैं। बता दें कि स्लॉटर हाउस में जानवरों की जांच और स्लॉटिंग की निगरानी की सीधी जिम्मेदारी डॉक्टर गौर की ही थी।

सड़कों पर उतरा आक्रोश

नगर निगम के भीतर चल रहे हंगामे के बीच बाहर हिंदू संगठन भी सड़कों पर उतर आए हैं। संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में लिप्त सभी चेहरों को बेनकाब नहीं किया गया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।