संगम नगरी प्रयागराज में चल रहा वार्षिक माघ मेला अब अपने चरम पर पहुंच चुका है। एकादशी के पावन मौके पर कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बावजूद त्रिवेणी संगम घाट पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। गंगा-यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम पर देशभर से आए श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाकर आस्था की तृप्ति प्राप्त की।
पौष पूर्णिमा के दिन लगभग 31 लाख लोगों ने स्नान किया था। अब 15 जनवरी को होने वाले मकर संक्रांति स्नान के लिए प्रशासन को एक करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है, जो पिछले वर्षों की तुलना में कई गुना अधिक है।
भीड़ प्रबंधन के लिए मेला क्षेत्र में 12,100 फीट लंबे स्नान घाट तैयार किए गए हैं। महिलाओं के लिए अलग चेंजिंग रूम, शौचालय और सुरक्षित रास्ते बनाए गए हैं। बुजुर्गों और दिव्यांगजनों की मदद के लिए गोल्फ कार्ट और बाइक-टैक्सी सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। पूरे क्षेत्र को 17 पुलिस जोन और 42 चौकियों में बांटा गया है। यूपी पुलिस, पीएसी, जल पुलिस और पैरामिलिट्री बलों की तैनाती के साथ 400 से ज्यादा एआई आधारित सीसीटीवी और ड्रोन से निरंतर निगरानी की जा रही है।
स्वच्छता अभियान के तहत गंगा बैराज से रोजाना 8,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है और सभी 81 नालों को सील कर दिया गया है। 3,300 से अधिक सफाईकर्मी कार्यरत हैं और 25,000 से ज्यादा शौचालय स्थापित किए गए हैं।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, मकर संक्रांति और एकादशी के स्नान से अक्षय पुण्य प्राप्त होता है और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है।