अमेरिकी धमकी के आगे ईरान पीछे हटा: फांसी रुकी, ट्रम्प बोले- हत्याएं थमीं

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार को बड़ा दावा किया कि ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों पर हो रही हत्याएं रुक गई हैं और किसी की फांसी की कोई योजना नहीं है। ट्रम्प ने कहा कि “दूसरी तरफ से बहुत महत्वपूर्ण सूत्रों” से उन्हें यह जानकारी मिली है। यह बयान ऐसे समय आया जब ट्रम्प ने पिछले दिनों ईरान को कड़ी चेतावनी दी थी कि प्रदर्शनकारियों को फांसी देने पर अमेरिका “बहुत मजबूत कार्रवाई” करेगा।

ईरान में दिसंबर 2025 के अंत से आर्थिक संकट और महंगाई के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, सुरक्षा बलों की कार्रवाई में अब तक 2,500 से अधिक प्रदर्शनकारी मारे जा चुके हैं। इंटरनेट ब्लैकआउट और हवाई क्षेत्र की अस्थायी बंदी ने स्थिति को और जटिल बना दिया था।

ट्रम्प ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से कहा, “हमें बताया गया है कि ईरान में हत्याएं रुक गई हैं और फांसी नहीं होगी। आज कई फांसियां होनी थीं, लेकिन वे नहीं होंगी।” उन्होंने जोड़ा कि वे स्थिति पर नजर रखेंगे और यदि जानकारी गलत साबित हुई तो “बहुत नाराज” होंगे। ट्रम्प ने सैन्य हस्तक्षेप को पूरी तरह खारिज नहीं किया, बल्कि कहा, “हम देखेंगे और स्थिति का आकलन करेंगे।”

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में पुष्टि की कि “फांसी का कोई प्लान नहीं है।” उन्होंने कहा, “हैंगिंग बिल्कुल सवाल से बाहर है” और दावा किया कि पिछले कुछ दिनों में कोई अशांति नहीं हुई। अराघची ने इन खबरों को “गलत सूचना अभियान” करार दिया, जिसका मकसद ट्रम्प को उकसाना है।

मानवाधिकार संगठनों ने बताया कि प्रदर्शनकारियों में से पहले व्यक्ति एरफान सोल्तानी (26 वर्ष) की फांसी, जो बुधवार को निर्धारित थी, स्थगित कर दी गई है। हेंगाव और अन्य समूहों के अनुसार, परिवार को यह सूचना मिली है। हालांकि, ईरान की न्यायपालिका ने “दंगाइयों” के लिए तेज ट्रायल और सजा की बात कही थी, जिससे फांसी की आशंका बनी हुई है।

ट्रम्प की चेतावनी के बाद स्थिति में थोड़ी नरमी दिखी है। अमेरिका ने कतर के अल उदैद एयर बेस से कुछ सैनिकों को वापस बुलाया, जो सतर्कता का संकेत है। ईरान ने अमेरिका और इजरायल पर आरोप लगाया कि वे अशांति भड़का रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रम्प का यह बयान सैन्य कार्रवाई से बचने का रास्ता हो सकता है, लेकिन यह अमेरिकी दबाव की सफलता भी दर्शाता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय, जिसमें G7 देश शामिल हैं, ईरान पर अतिरिक्त प्रतिबंधों की चेतावनी दे चुके हैं। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में ईरान की स्थिति पर बैठक भी हो रही है।

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनी ने कहा है कि शासन विरोध प्रदर्शनों के सामने नहीं झुकेगा, लेकिन अमेरिकी धमकी के बाद फांसी टालने का फैसला राहत की ओर इशारा करता है। स्थिति पर सभी की नजर बनी हुई है, क्योंकि प्रदर्शन अभी भी जारी हैं।