जयशंकर ने आतंकवाद पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की अपील की; द्विपक्षीय व्यापार ₹58,000 करोड़ के पार

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को नई दिल्ली में पोलैंड के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री राडोस्लाव सिकोर्स्की के साथ उच्च स्तरीय वार्ता की। इस बैठक में भारत ने सीमा पार आतंकवाद को लेकर अपनी पुरानी चिंताओं को दोहराया और पोलैंड से आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ (शून्य सहिष्णुता) की नीति अपनाने का आग्रह किया।

आतंकवाद पर कड़ा रुख

बैठक के दौरान जयशंकर ने वैश्विक मंचों पर भारत को चुनिंदा तरीके से निशाना बनाए जाने को ‘अनुचित और अन्यायपूर्ण’ बताया। उन्होंने सिकोर्स्की से कहा कि वे क्षेत्र की चुनौतियों और सीमा पार आतंकवाद से अच्छी तरह परिचित हैं। जयशंकर ने जोर देकर कहा कि पोलैंड को आतंकवाद के प्रति सख्त रुख अपनाना चाहिए और हमारे पड़ोस में आतंकी बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने वाली गतिविधियों में मदद नहीं करनी चाहिए।

रणनीतिक साझेदारी और आर्थिक प्रगति

अगस्त 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पोलैंड यात्रा के बाद दोनों देशों के रिश्ते ‘रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर पर पहुंच गए हैं।

पिछले एक दशक में भारत-पोलैंड व्यापार में 200% की वृद्धि हुई है, जो लगभग 7 बिलियन डॉलर (करीब ₹58,000 करोड़) तक पहुंच गया है। पोलैंड में भारतीय निवेश 3 बिलियन डॉलर को पार कर गया है, जिससे वहां स्थानीय लोगों के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा हुए हैं।  दोनों नेताओं ने व्यापार, रक्षा, सुरक्षा, स्वच्छ तकनीक और डिजिटल नवाचार के लिए तैयार किए गए पांच साल के रोडमैप की समीक्षा की।

सांस्कृतिक जुड़ाव और वैश्विक मुद्दे

विदेश मंत्री ने ‘दोबरी महाराज’ की ऐतिहासिक विरासत और पोलैंड में योग व इंडोलॉजी की लोकप्रियता का जिक्र करते हुए सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने पर बल दिया। बैठक में यूक्रेन संघर्ष और वैश्विक अनिश्चितता के दौर में आपसी संवाद की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई।