जोधपुर के इवेंट और टेंट कारोबार में मंगलवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब डीजीजीआई (जीएसटी इंटेलिजेंस डायरेक्टरेट) की जयपुर से आई टीमों ने शहर के आठ प्रमुख ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की। जीएसटी चोरी के पुख्ता इनपुट के आधार पर की गई इस कार्रवाई में टेंट, डेकोरेशन, साउंड और कैटरिंग जगत के कई दिग्गज नाम रडार पर हैं।
दिग्गज टेंट और कैटरिंग फर्में रडार पर
डीजीजीआई के एडिशनल डायरेक्टर के नेतृत्व में अधिकारियों ने सरदारपुरा सहित शहर के विभिन्न इलाकों में स्थित कार्यालयों, गोदामों, मकानों और फार्म हाउसों पर छानबीन शुरू कर दी है। जांच की जद में सिंघवी टेंट, बॉबी टेंट, श्री लवली टेंट, श्री अक्षिता टेंट, सुनीता टेंट, अक्षत दीप टेंट के साथ-साथ अमृतम मैरिज गार्डन, राजन एम्लिफायर, अमर कैटर्स और मींटू कोलकाता फ्लॉवर्स जैसी बड़ी फर्में शामिल हैं।
‘कच्ची पर्ची’ और नकद लेन-देन का खेल
विभागीय सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई केवल एक सामान्य जांच नहीं है बल्कि इवेंट इंडस्ट्री में चल रहे बड़े टैक्स घोटाले का पर्दाफाश करना है। विभाग को लंबे समय से इनपुट मिल रहे थे कि शादी-समारोहों के इस बड़े बाजार में ‘कच्ची पर्ची’ और नकद लेन-देन का खेल बड़े पैमाने पर चल रहा है। इवेंट मैनेजमेंट और टेंट व्यवसाय में लगभग अस्सी प्रतिशत तक का कारोबार आधिकारिक बुक्स में दिखाए बिना नकद में किया जा रहा था जिससे सरकार के राजस्व को भारी नुकसान हो रहा था।
डिजिटल सबूत और दस्तावेजों की जब्ती
अधिकारियों ने मौके से कंप्यूटर सिस्टम, हार्ड डिस्क, पैन ड्राइव और कई महत्वपूर्ण डायरियां जब्त की हैं जिनसे पिछले शादी के सीजन में हुई हजारों शादियों की वास्तविक बुकिंग और भरे गए जीएसटी रिटर्न के बीच के भारी अंतर का मिलान किया जा रहा है। जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि कई व्यवसायी सामान की खरीद पर इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ तो ले रहे थे लेकिन सेवाओं पर मिलने वाले अठारह प्रतिशत जीएसटी को सरकार के पास जमा कराने के बजाय नकद लेन-देन के जरिए दबा रहे थे।
जयपुर से जुड़ी कार्रवाई की कड़ियां
इस पूरी कार्रवाई का एक सिरा जयपुर से भी जुड़ा बताया जा रहा है जहां हाल ही में हुए बड़े इवेंट कारोबारियों पर छापों के दौरान जोधपुर की इन फर्मों के साथ लेन-देन के अहम सुराग मिले थे। फिलहाल सभी ठिकानों पर दस्तावेजों की बारीकी से पड़ताल जारी है और माना जा रहा है कि देर शाम तक करोड़ों रुपए की जीएसटी चोरी का आधिकारिक खुलासा हो सकता है।