बांग्लादेश और भारत के बीच क्रिकेट संबंधों में तनाव चरम पर पहुंच गया है। बांग्लादेश के खेल सलाहकार आसिफ नजरुल ने आधिकारिक घोषणा की है कि बांग्लादेशी टीम भारत में होने वाले T20 वर्ल्ड कप 2026 में हिस्सा नहीं लेगी। खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के साथ बैठक के बाद नजरुल ने कहा, “हम वर्ल्ड कप खेलना चाहते हैं, लेकिन भारत में हमारे दल की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंताएं हैं।”
ICC ने ठुकराई थी वेन्यू बदलने की मांग
इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने 21 जनवरी को बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) को फैसला लेने के लिए 24 घंटे की मोहलत दी थी। बांग्लादेश ने अपने मैच भारत के बजाय श्रीलंका में कराने या अपना ग्रुप बदलने की मांग की थी, जिसे ICC ने वोटिंग के आधार पर खारिज कर दिया। बोर्ड मीटिंग में भारत के पक्ष में 14 और बांग्लादेश के पक्ष में केवल 2 वोट पड़े, जिसके बाद वेन्यू बदलने की मांग गिर गई।
विवाद की जड़: मुस्तफिजुर रहमान और IPL
इस विवाद की शुरुआत तब हुई जब 16 दिसंबर के ऑक्शन में KKR द्वारा 9.20 करोड़ में खरीदे गए मुस्तफिजुर रहमान को BCCI ने सुरक्षा कारणों और विरोध के चलते खेलने की अनुमति नहीं दी। बांग्लादेश में हिंदुओं पर हुए हमलों के बाद भारत में मुस्तफिजुर का विरोध हो रहा था। इसके जवाब में बांग्लादेश सरकार ने वहां IPL के प्रसारण पर रोक लगा दी और अब वर्ल्ड कप का बहिष्कार कर दिया है।
बांग्लादेश को होने वाले संभावित नुकसान
टूर्नामेंट से हटने के कारण बांग्लादेश क्रिकेट को भारी खामियाजा भुगतना पड़ सकता हैICC से मिलने वाली 5 लाख डॉलर की भागीदारी राशि और मैच फीस का नुकसान। मुस्तफिजुर की तरह अन्य बांग्लादेशी खिलाड़ियों पर भी भविष्य में IPL से बैन लग सकता है। BCCI के प्रभाव के चलते बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अलग-थलग पड़ सकता है। मैच न खेलने से टीम और खिलाड़ियों की ICC रैंकिंग काफी नीचे गिर जाएगी।
स्कॉटलैंड को मिल सकता है मौका
सूत्रों के अनुसार, बांग्लादेश के हटने के बाद अब स्कॉटलैंड को रैंकिंग के आधार पर वर्ल्ड कप में शामिल किया जा सकता है। इससे पहले 2009 में जिम्बाब्वे के हटने पर भी इसी तरह का फैसला लिया गया था।