झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में स्थित एशिया के सबसे घने जंगलों में से एक, सारंडा में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। गुरुवार तड़के पुलिस और नक्सलियों के बीच हुई इस भीषण मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने 16 नक्सलियों को मार गिराया है। पुलिस को पुख्ता जानकारी मिली थी कि सारंडा के कोर इलाके में नक्सलियों का एक बड़ा दस्ता किसी बड़ी हिंसक वारदात की योजना बनाने के लिए कैंप कर रहा है। इसके बाद झारखंड पुलिस, कोबरा और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी।
इनामी कमांडर का खात्मा और भारी हथियारों की बरामदगी
मारे गए नक्सलियों में एक बड़ा इनामी कमांडर भी शामिल है, जिसकी पहचान और विस्तृत विवरण का आधिकारिक ऐलान पुलिस जल्द ही प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से करेगी। खुद को घिरता देख नक्सलियों ने ऑटोमैटिक हथियारों से सुरक्षाबलों पर भारी गोलीबारी शुरू कर दी थी। जवाबी कार्रवाई में जवानों ने मोर्चा संभालते हुए नक्सलियों के कैंप को ध्वस्त कर दिया। मुठभेड़ स्थल से एके 47 राइफलें, इंसास (INSAS) गन, भारी मात्रा में आईईडी (IED) और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है।
जंगल में अभी भी जारी है सर्च ऑपरेशन
16 शवों की बरामदगी के बाद भी सुरक्षाबलों का अभियान थमा नहीं है। आशंका है कि अंधेरे और घने जंगल का फायदा उठाकर कुछ अन्य नक्सली घायल अवस्था में भागने में सफल रहे हैं, जिनकी तलाश के लिए हेलीकॉप्टर और आधुनिक ड्रोन की मदद ली जा रही है। इलाके की भौगोलिक स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण होने के कारण अतिरिक्त सुरक्षाबलों को भी मौके पर तैनात किया गया है। राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) ने इस सफल अभियान के लिए जवानों की बहादुरी की सराहना की है।