इंदौर नगर निगम मुख्यालय में महापौर पुष्यमित्र भार्गव की अध्यक्षता में आयोजित एमआईसी की बैठक में शहर के विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में विकास कार्यों, जल आपूर्ति और सीवरेज परियोजनाओं के लिए 1,530 करोड़ रुपये के ऋण को स्वीकृति दी गई। इस राशि का एक बड़ा हिस्सा प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के तहत लगभग 8,000 नए आवासीय घरों के निर्माण पर खर्च किया जाएगा। इसके साथ ही लिंबोदी तालाब के कायाकल्प के लिए 5 करोड़ रुपये और बस पास योजना में छूट की भरपाई हेतु 3 करोड़ रुपये मंजूर किए गए।
पर्यावरण और पक्षी संरक्षण पर चिंता
बैठक के दौरान मेट्रो परियोजना के कारण रीगल तिराहे से हटाए जाने वाले पेड़ों का मुद्दा प्रमुखता से उठा। एमआईसी सदस्य मनीष शर्मा ने मांग की कि इन पेड़ों को काटने की अनुमति न दी जाए, क्योंकि यहाँ सैकड़ों पेड़ और हजारों तोतों का दुर्लभ प्राकृतिक आवास है। उन्होंने तर्क दिया कि पेड़ों को ट्रांसप्लांट करने से पक्षियों का आशियाना उजड़ जाएगा, जो शहर के पर्यावरण संतुलन के लिए ठीक नहीं है।
धार्मिक भावनाओं का सम्मान: पूजन सामग्री के लिए अलग गाड़ी
एक अन्य महत्वपूर्ण प्रस्ताव में मंदिरों से निकलने वाली फूल-मालाओं और पूजन सामग्री के प्रबंधन पर चर्चा हुई। मनीष शर्मा ने कहा कि श्रद्धा से जुड़ी इन वस्तुओं को सामान्य कचरे के साथ ले जाना धार्मिक भावनाओं को आहत करता है। इसके समाधान के लिए निगम अब पूजन सामग्री के लिए अलग वाहनों की व्यवस्था करेगा। इसके अलावा, बैठक में सराफा चाट चौपाटी की 97 दुकानों को स्वीकृति देने और अवैध कॉलोनियों पर सख्ती बरतने जैसे 33 से अधिक प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई।