प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मन की बात’ में दी राष्ट्रीय मतदाता दिवस की शुभकामनाएं, कहा- पहली बार वोटर बनने पर बांटें मिठाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के 130वें संस्करण में देशवासियों को राष्ट्रीय मतदाता दिवस की हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि मतदाता लोकतंत्र की रीढ़ होते हैं और एक सशक्त लोकतंत्र की आधारशिला जागरूक एवं सक्रिय मतदाताओं पर ही टिकी रहती है।

पीएम मोदी ने एक अनोखा सुझाव देते हुए कहा कि जैसे जन्मदिन पर उत्सव मनाया जाता है, वैसे ही जब कोई युवा पहली बार मतदाता बनता है, तो पूरे पड़ोस, गांव या शहर में उसे बधाई देकर मिठाई बांटी जानी चाहिए। इससे मतदान के प्रति उत्साह और जिम्मेदारी की भावना मजबूत होगी।

कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे 2016 की पुरानी तस्वीरों के ट्रेंड का जिक्र किया और पिछले एक दशक में देश के विभिन्न क्षेत्रों में आए अभूतपूर्व परिवर्तनों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आज भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। ऐसे कई स्टार्टअप उभरे हैं, जिनकी कल्पना दस साल पहले भी कठिन थी। युवा उद्यमियों की रचनात्मकता और लगन की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि यही ऊर्जा भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रही है।

स्टार्टअप इंडिया पहल की चर्चा करते हुए पीएम मोदी ने उल्लेख किया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा, सेमीकंडक्टर, मोबिलिटी, ग्रीन हाइड्रोजन और बायोटेक्नोलॉजी जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में भारतीय स्टार्टअप सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं। उन्होंने विशेष जोर देते हुए कहा कि भारतीय उत्पादों की पहचान अब गुणवत्ता से जुड़ी होनी चाहिए और इस मामले में किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाना चाहिए।

जनभागीदारी की शक्ति को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में तमसा नदी के पुनरुद्धार का उदाहरण दिया। स्थानीय लोगों ने सामूहिक प्रयासों से इस नदी को नया जीवन प्रदान किया है। इसी तरह आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले में सूखाग्रस्त इलाकों में जनसहयोग से 10 से अधिक जलाशयों को पुनर्जीवित किया गया और 7,000 से ज्यादा पेड़ लगाए गए, जिससे जल संरक्षण के साथ-साथ पर्यावरण में हरियाली भी लौटी है।

पीएम मोदी ने भारतीय संस्कृति की वैश्विक पहुंच पर भी बात की। उन्होंने मलेशिया में तमिल स्कूलों के माध्यम से भाषा और परंपराओं को जीवित रखने, गुजरात के बेचराजी के चंदनकी गांव में सामुदायिक रसोई, तथा अरुणाचल प्रदेश और असम में युवाओं द्वारा चलाए जा रहे स्वच्छता अभियानों का जिक्र किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि जन-सहभागिता और सामूहिक प्रयास ही भारत की सबसे बड़ी ताकत हैं।