संसद के 18वीं लोकसभा के बजट सत्र का पहला चरण आज (28 जनवरी 2026) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ। लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति ने सरकार की प्रमुख उपलब्धियों, नीतियों और आगामी योजनाओं का विस्तार से उल्लेख किया।
अभिभाषण के दौरान विकसित भारत जी राम जी अधिनियम (VB-G RAM G Act) का जिक्र होते ही विपक्षी सांसदों ने विरोध जताया और हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने “कानून वापस लो” जैसे नारे लगाए। हालांकि, कुछ समय बाद शोर शांत हुआ और अभिभाषण निर्बाध जारी रहा। वहीं, एनडीए के सांसदों ने मेज थपथपाकर राष्ट्रपति के वक्तव्य का स्वागत किया।
बजट सत्र दो चरणों में आयोजित होगा, जो कुल 30 बैठकों के साथ 28 जनवरी से 2 अप्रैल 2026 तक चलेगा। पहला चरण 28 जनवरी से 13 फरवरी तक और दूसरा चरण 9 मार्च से 2 अप्रैल तक रहेगा। 28 जनवरी और 1 फरवरी को शून्यकाल नहीं होगा।
राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने संबोधन में सामाजिक न्याय पर सरकार की मजबूत प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार और घोटालों पर सख्त कार्रवाई की गई है। 2014 में जहां सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से मात्र 25 करोड़ लोग जुड़े थे, वहीं अब लगभग 95 करोड़ भारतीय इनसे लाभान्वित हो रहे हैं। दलित, पिछड़े, आदिवासी और वंचित वर्गों के कल्याण के लिए संवेदनशील प्रयास जारी हैं।
खेल क्षेत्र में प्रगति का जिक्र करते हुए राष्ट्रपति ने महिला क्रिकेट टीम और महिला ब्लाइंड क्रिकेट टीम की विश्व कप जीत पर बधाई दी। ‘खेलो इंडिया’ पहल से खेल संगठनों में पारदर्शिता बढ़ी है और भारत को 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी मिल चुकी है।
रोजगार और कौशल विकास पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि सेमीकंडक्टर क्षेत्र में 60 हजार युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है, जबकि 10 लाख युवा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में प्रशिक्षित हो रहे हैं। मुद्रा योजना के तहत 38 लाख करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया और पीएम स्वनिधि योजना से 72 लाख लोगों को फायदा पहुंचा। देश में करीब 2 लाख स्टार्टअप पंजीकृत हैं, जिनमें 40 प्रतिशत में महिला निदेशक हैं।
महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि लखपति दीदी योजना के तहत 2 करोड़ महिलाएं शामिल हो चुकी हैं। ‘स्वस्थ नारी–सशक्त परिवार’ अभियान के अंतर्गत 7 करोड़ महिलाओं की स्वास्थ्य जांच हुई। माओवाद प्रभावित इलाकों में स्थिति सुधरी है और सरेंडर से लाखों लोगों को मुख्यधारा में लाया गया।अंत में राष्ट्रपति ने कहा कि पिछले 10-11 वर्षों में देश की नींव मजबूत हुई है। 2026 के साथ भारत इस सदी के दूसरे चरण में प्रवेश कर रहा है, जो विकसित भारत की दिशा में मजबूत आधार साबित होगा।