पंजाब के संगरूर में उपली रोड पर आज सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। दयानंद आर्य समाज स्कूल की एक बस अनियंत्रित होकर कच्ची सड़क पर उतर गई और बिजली के खंभे से जा टकराई। हादसे के वक्त बस में 6वीं, 8वीं और 10वीं कक्षा के करीब 5 से 7 छात्र सवार थे। गनीमत रही कि स्थानीय लोगों ने तुरंत मुस्तैदी दिखाते हुए सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया और उन्हें स्कूल भेज दिया गया। मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासन ने स्थिति का जायजा लिया।
तेज रफ्तार या मजबूरी? आमने-सामने आए तर्क
हादसे के कारणों को लेकर पावरकॉम (बिजली विभाग) के अधिकारियों और बस ड्राइवर के बयानों में अंतर नजर आ रहा है। बिजली विभाग के जे.ई. हरदीप सिंह का कहना है कि बस की रफ्तार बहुत तेज रही होगी, क्योंकि खंभा काफी मजबूती से लगा था जो टक्कर के कारण उखड़ गया। विभाग ने करीब 25 से 30 हजार रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया है। दूसरी ओर, ड्राइवर सुखविंदर सिंह का दावा है कि सामने से अचानक दो गाड़ियां आ जाने के कारण उसे बस कच्चे रास्ते पर उतारनी पड़ी। मिट्टी नरम होने की वजह से बस फिसल गई और खंभे से टकरा गई।
अंधे मोड़ पर स्पीड ब्रेकर की मांग
घटनास्थल पर पहुंचे एएसआई (ASI) हरीश कुमार ने बताया कि ड्राइवर की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया। पुलिस के अनुसार, जिस जगह हादसा हुआ वहां का सड़क मोड़ (कट) काफी खतरनाक है, जहां सामने से आने वाले वाहनों का अंदाजा नहीं मिल पाता। पुलिस ने प्रशासन से इस स्थान पर स्पीड ब्रेकर लगवाने की सिफारिश की है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि बस की हालत काफी जर्जर (कंडम) थी और फिलहाल ड्राइवर पुलिस को अपना ड्राइविंग लाइसेंस या अन्य वैध दस्तावेज नहीं दिखा पाया है।