भोपाल में सीरियल कटर देवेंद्र अहिरवार गिरफ्तार, 4 युवतियों पर हमले का खुलासा

भोपाल में राह चलती युवतियों पर कटर से हमला करने वाले सीरियल हमलावर को पुलिस ने सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान 37 वर्षीय देवेंद्र अहिरवार के रूप में हुई है, जो मूल रूप से सागर जिले के राहतगढ़ का निवासी है और हाल में भोपाल के करोंद इलाके में रह रहा था।

एक रात में चार हमले, शहर में फैली दहशत

29 जनवरी की रात को आरोपी ने मात्र दो घंटे के भीतर भोपाल के इंद्रपुरी, सोनागिरी, पिपलानी और अयोध्या नगर-नरेला जोन क्षेत्रों में चार युवतियों पर जानलेवा हमले किए। इन वारदातों के बाद प्रभावित इलाकों में भय का माहौल बन गया था। सोशल मीडिया पर लोग महिलाओं को अकेले बाहर न निकलने की सलाह दे रहे थे।

पुलिस की व्यापक कार्रवाई और गिरफ्तारी

पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बड़े पैमाने पर सर्च अभियान चलाया। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अवधेश गोस्वामी के अनुसार, इस ऑपरेशन में 40 टीमें गठित की गईं, जिनमें लगभग 150 पुलिसकर्मी शामिल थे। जांच के दौरान 1000 से अधिक सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई। आरोपी की पहचान चोरी की बाइक के टूटे हुए मास्क और मुड़ी हुई नंबर प्लेट से हुई। उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।

इस दौरान पुलिस ने 600 से ज्यादा पुराने अपराधियों की पड़ताल की और करीब 100 संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। अंततः अयोध्या बायपास पर छोला मंदिर क्षेत्र के पास कोच फैक्टरी के जंगल में आरोपी को भागते हुए पकड़ा गया। पूछताछ में उसने अपना नाम और पता बताया। कोर्ट ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।

पृष्ठभूमि और मनोवैज्ञानिक कारण

पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि 2014 में उसकी गर्लफ्रेंड ने धोखा देकर किसी अन्य से विवाह कर लिया था। इसके बाद उसने सागर जिले में भी इसी तरह के चार हमले किए थे, लेकिन तब पुलिस को सुराग नहीं मिलने से मामला बंद हो गया था। आरोपी ने स्वीकार किया कि युवक-युवती को साथ देखकर उसे लगता था कि वे अपने परिवार या जीवनसाथी को धोखा दे रहे हैं, जिससे वह उकसाव में आ जाता था।

पुरस्कार और सम्मान

आरोपी को पकड़ने वाली पुलिस टीम को पुलिस महानिदेशक ने 50 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। साथ ही, आरोपी का स्कैच तैयार करने वाले आर्टिस्ट और अयोध्या नगर थाने के सिपाही सतीश उपाध्याय को पुलिस कमिश्नर द्वारा 5 हजार रुपये के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।