प्रधानमंत्री मोदी की मलेशिया यात्रा: भारत-मलेशिया संबंधों को नई ऊँचाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7-8 फरवरी को मलेशिया की दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पूरी की, जिसके दौरान भारत और मलेशिया के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करने पर व्यापक सहमति बनी। यह यात्रा अगस्त 2024 में दोनों देशों के बीच स्थापित ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ के बाद प्रधानमंत्री मोदी की पहली मलेशिया यात्रा है और इसे दोनों पक्षों के बीच बढ़ते विश्वास का प्रतीक माना जा रहा है।

यात्रा के दूसरे दिन पुत्रजया के पेरदाना पुत्रा कॉम्प्लेक्स में प्रधानमंत्री मोदी का औपचारिक स्वागत किया गया, जिसमें गार्ड ऑफ ऑनर और भव्य समारोह शामिल था। मलेशिया के प्रधानमंत्री दातो सेरी अनवर इब्राहिम ने व्यक्तिगत रूप से उनका स्वागत किया। इसके बाद दोनों नेताओं ने सेरी पेरदाना कॉम्प्लेक्स में विस्तृत द्विपक्षीय बैठक की, जिसमें व्यापार, निवेश, रक्षा, सुरक्षा, डिजिटल अर्थव्यवस्था, ऊर्जा, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, संस्कृति और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई।

बैठक के दौरान दोनों प्रधानमंत्रियों ने आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त प्रयासों पर जोर दिया और क्षेत्रीय व वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। कई समझौता ज्ञापनों (MoUs) के आदान-प्रदान के साथ सहयोग को संस्थागत रूप देने के कदम उठाए गए। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और मलेशिया के बीच संबंध विश्वास, दोस्ती और साझा आकांक्षाओं पर आधारित हैं, और यह यात्रा इन संबंधों को नई ऊर्जा प्रदान कर रही है।

यात्रा के दौरान सांस्कृतिक जुड़ाव भी प्रमुख रहा। प्रधानमंत्री मोदी ने कुआलालंपुर में भारतीय समुदाय को संबोधित किया, जहां उन्होंने मलेशिया में भारतीय विरासत खासकर तमिल समुदाय द्वारा परंपराओं के संरक्षण की प्रशंसा की। उन्होंने तिरुमुराई भक्ति गीतों के प्रदर्शन को विशेष रूप से सराहा। दोनों नेताओं के बीच व्यक्तिगत सौहार्द तब और उभरकर सामने आया, जब वे एक साथ कार में यात्रा करते नजर आए और सामुदायिक कार्यक्रम में शामिल हुए।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस यात्रा को 2026 की अपनी पहली विदेश यात्रा बताते हुए कहा कि भारत और मलेशिया मिलकर विकास के नए अवसर तलाश रहे हैं तथा साझा चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार, सुरक्षा और जन-केंद्रित संबंधों को मजबूत करने की दिशा में यह दौरा महत्वपूर्ण माना जा रहा है।