वैष्णव बोले: भारत का सॉवरेन AI अब दिखा रहा कमाल, सर्वम मॉडल की हो रही तारीफ

केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रविवार को कहा कि भारत की सॉवरेन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रणनीति अब ठोस परिणाम दिखा रही है। उन्होंने घरेलू स्टार्टअप सर्वम एआई द्वारा विकसित किए गए उन्नत एआई मॉडल की खुलकर प्रशंसा की।

मंत्री वैष्णव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि हमारे इंडिया एआई मिशन के अंतर्गत सर्वम एआई द्वारा जारी किए गए तकनीकी रूप से उन्नत मॉडल की सराहना अब उन लोगों द्वारा भी की जा रही है, जो पहले इसकी सबसे अधिक आलोचना करते थे। उन्होंने कहा कि भारत के युवा इंजीनियर मटेरियल साइंस, हेल्थकेयर और साइबर सिक्योरिटी जैसे क्षेत्रों में ऐसे नवाचार कर रहे हैं, जिन्हें वैश्विक स्तर पर क्रांतिकारी मॉडल के रूप में पहचाना जाएगा।

सर्वम एआई ने भारतीय भाषाओं के लिए उत्कृष्ट टेक्स्ट-टू-स्पीच, स्पीच-टू-टेक्स्ट और ओसीआर (ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकग्निशन) मॉडल तैयार किए हैं। पिछले साल दिसंबर में कंपनी के सह-संस्थापक प्रत्युष कुमार ने इंडिया एआई मिशन के तहत बहुभाषी एआई सिस्टम प्रदर्शित किए थे, जिसमें भारतीय भाषाओं के लिए देश का पहला स्वदेशी फाउंडेशनल लार्ज लैंग्वेज मॉडल (एलएलएम) भी शामिल था।

गौरतलब है कि पिछले साल 67 प्रस्तावों में से सर्वम एआई को भारत का पहला स्वदेशी फाउंडेशनल एआई मॉडल विकसित करने के लिए चुना गया था।

भारत में एआई इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने 2024 में इंडिया एआई मिशन को मंजूरी दी थी, जिसमें अगले पांच वर्षों के लिए 10,372 करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित की गई है। यह फंडिंग कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटासेट, स्टार्टअप्स और नवाचार को बढ़ावा देने में सहायक होगी।

हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्टार्टअप्स से सामाजिक कल्याण के लिए एआई का उपयोग करने का आह्वान किया था। उन्होंने घोषणा की कि 16 से 20 फरवरी 2026 तक इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का आयोजन होगा, जिसके माध्यम से भारत वैश्विक तकनीकी क्षेत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराएगा। पीएम मोदी ने जोर दिया कि भारतीय एआई मॉडल अनूठे होने चाहिए, जो स्थानीय सामग्री और क्षेत्रीय भाषाओं को प्राथमिकता दें।