मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले स्थित बागेश्वर धाम में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर 300 गरीब, अनाथ और आर्थिक रूप से कमजोर बेटियों का सामूहिक कन्या विवाह महोत्सव भव्य रूप से आयोजित किया गया। यह सप्तम (सातवां) वार्षिक कन्या विवाह महोत्सव है, जिसका नेतृत्व बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (बागेश्वर बाबा) ने किया।
आयोजन 15 फरवरी 2026 (महाशिवरात्रि) को मुख्य रूप से संपन्न हुआ, जबकि इससे पहले 13-14 फरवरी को हल्दी, मेहंदी और अन्य रस्में पूरी की गईं। धाम में 10-15 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद जताई गई थी, जिसके लिए सुरक्षा, यातायात और व्यवस्था की व्यापक तैयारियां की गई थीं। इस महोत्सव को “बुंदेलखंड का महाकुंभ” कहा जा रहा है।
प्रमुख अतिथि और विशेष उपस्थिति
- मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने हल्दी समारोह में भाग लिया, जहां पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने उन्हें हल्दी लगाई और उन्होंने भी बाबा को हल्दी लगाकर समारोह की शुरुआत की। सीएम ने प्रत्येक दुल्हन को राज्य सरकार की सामूहिक विवाह योजना के तहत 51,000 रुपये की सहायता की घोषणा की और कहा कि ऐसे आयोजन सामाजिक बदलाव लाते हैं तथा खर्चीली शादियों से बचना चाहिए।
- नौ देशों के राजदूत (एंबेसडर) भी मौजूद रहे, जिन्होंने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया। इन अंतरराष्ट्रीय मेहमानों का खजुराहो एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत किया गया।
- ये बेटियां नेपाल सहित देश के विभिन्न राज्यों (करीब 13 राज्यों) से चयनित की गई थीं।
आयोजन की विशेषताएं
- सभी खर्च बागेश्वर धाम की दान पेटियों से प्राप्त चढ़ावे से वहन किए गए।
- प्रत्येक जोड़े को ₹30,000 की फिक्स्ड डिपॉजिट, सोना-चांदी के आभूषण और घरेलू सामान (कुल करीब ₹2 लाख मूल्य) प्रदान किया गया।
- समारोह में सामूहिक भोज और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान भी शामिल थे।
पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि यह प्रयास आर्थिक रूप से कमजोर बेटियों के घर बसाने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का है। यह आयोजन सनातन संस्कृति और सामाजिक समरसता का प्रतीक बना।