भिंड जिले के कोंहार गांव में शुक्रवार को सर्व समाज की एक बैठक में जाटव समाज के खिलाफ सामाजिक बहिष्कार का फैसला लिया गया। गांव के हनुमान मंदिर परिसर में आयोजित इस सभा में ब्राह्मण, क्षत्रिय सहित अन्य समुदायों के लोगों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया और सामूहिक शपथ लेकर जाटव समाज से सभी प्रकार के सामाजिक संबंध तोड़ने की घोषणा की।
ग्रामीणों ने बताया कि यह कदम हाल ही में दर्ज एक एससी-एसटी एक्ट के तहत एफआईआर के विरोध में उठाया गया है। उनका आरोप है कि कुछ जाटव समाज के व्यक्तियों द्वारा हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं तथा ब्राह्मण-क्षत्रिय समाज और मनुवाद पर विरोध जताया गया, जिससे सामाजिक तनाव बढ़ा।
बैठक सुबह करीब 10:30 से 11:00 बजे के बीच हुई, जिसमें वक्ताओं ने एफआईआर को एकतरफा और अन्यायपूर्ण करार दिया। शपथ के दौरान निर्णय लिया गया कि जाटव समाज के लोगों से घरों में आना-जाना, सामाजिक मेलजोल, खेतों में मजदूरी या अन्य कोई आर्थिक-सामाजिक संपर्क नहीं रखा जाएगा।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आगे और कड़े सामूहिक कदम उठाए जा सकते हैं। बता दें कि भिंड जिले में यह दूसरी ऐसी घटना है, जहां सर्व समाज ने जाटव समाज के खिलाफ सार्वजनिक बहिष्कार का ऐसा फैसला लिया। इससे पहले सुरपुरा क्षेत्र में एक कथित पेशाब कांड के बाद भी इसी तरह का बहिष्कार हुआ था।