अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम के राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों राज्यों के निवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। ये संदेश मुख्य रूप से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा किए गए।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अपने संदेश में दोनों राज्यों को प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और मेहनती नागरिकों से युक्त बताया। उन्होंने कहा कि अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम ने देश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है तथा भविष्य में भी वे निरंतर विकास और समृद्धि की राह पर आगे बढ़ें, यही उनकी शुभकामना है।
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने अरुणाचल प्रदेश को हिमालयी श्रृंखलाओं, जैव-विविधता, घने जंगलों, मठों और जीवंत जनजातीय परंपराओं का अनुपम संयोजन करार दिया। उन्होंने इसे प्रकृति एवं संस्कृति के संतुलन का जीवंत उदाहरण बताया और राज्य के सतत विकास, शांति तथा खुशहाली की कामना की।
मिजोरम के संदर्भ में उपराष्ट्रपति ने कहा कि प्राकृतिक सुंदरता, घने वन क्षेत्र और उच्च साक्षरता दर के कारण यह राज्य सामाजिक उन्नति तथा सामुदायिक एकता का आदर्श बन चुका है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि मिजोरम अपनी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखते हुए स्थायी विकास और शांति के पथ पर अग्रसर रहेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अरुणाचल प्रदेश की प्रशंसा करते हुए कहा कि यहां के मनोरम प्राकृतिक दृश्य और सांस्कृतिक विविधता अद्भुत हैं। राज्य के परिश्रमी एवं ऊर्जावान लोग देश की उन्नति में अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने जोर दिया कि यहां की विविध आदिवासी संस्कृति भारत की समग्र समृद्धि को और मजबूत बनाती है तथा आने वाले वर्षों में अरुणाचल प्रदेश विकास की नई मंजिलें हासिल करेगा।
मिजोरम के स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री ने राज्य को अपनी प्राकृतिक छटा और जीवंत सांस्कृतिक परंपराओं के लिए प्रसिद्ध बताया। उन्होंने मिजो समुदाय की सामुदायिक एकजुटता, करुणा और सांस्कृतिक धरोहर की सराहना की तथा राज्य के निरंतर प्रगति एवं नई उपलब्धियों की शुभकामनाएं दीं।