ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा 18 से 22 फरवरी 2026 तक भारत के राजकीय दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा औपचारिक स्वागत प्राप्त किया, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उपस्थित रहे।
दिल्ली के हैदराबाद हाउस में आज पीएम मोदी और राष्ट्रपति लूला के बीच महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक हुई। इस मुलाकात में दोनों नेताओं ने व्यापार विस्तार, रणनीतिक साझेदारी और वैश्विक चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, दोनों देशों ने क्रिटिकल मिनरल्स एवं रेयर अर्थ एलिमेंट्स पर सहयोग के लिए एक प्रमुख समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता वैश्विक सप्लाई चेन को मजबूत बनाने, चीन पर निर्भरता कम करने तथा ग्रीन एनर्जी ट्रांजिशन को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। समझौते के तहत दोनों देश कच्चे माल के निर्यात से आगे बढ़कर प्रोसेसिंग, वैल्यू एडिशन और रिसाइक्लिंग में साझेदारी करेंगे। भारत अपनी प्रोसेसिंग क्षमता का लाभ ब्राजील के संसाधनों के साथ जोड़ेगा, जबकि ब्राजील भारतीय तकनीक और बाजार पहुंच हासिल करना चाहता है। इससे इलेक्ट्रिक वाहन, रिन्यूएबल एनर्जी, सेमीकंडक्टर और हाई-टेक उद्योगों के लिए जरूरी मिनरल्स की सुरक्षित आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
इसके अलावा, डिजिटल सहयोग, खनन एवं स्टील सप्लाई चेन तथा अन्य क्षेत्रों में भी कई MoUs पर हस्ताक्षर हुए।
राष्ट्रपति लूला ने कहा कि वर्तमान में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार मात्र 15 अरब डॉलर है, जिसे अगले पांच वर्षों में 20 अरब डॉलर से अधिक तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने 260 से अधिक ब्राजीली व्यवसायियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ आने का जिक्र करते हुए अंतरिक्ष, रक्षा, फार्मास्यूटिकल्स और एयरोस्पेस जैसे क्षेत्रों में साझेदारी की संभावनाओं पर जोर दिया। ब्राजीली कंपनी एम्ब्रेयर भारत में संयंत्र स्थापित करने की योजना बना रही है।
दोनों नेता ग्लोबल साउथ के सबसे बड़े लोकतंत्रों के रूप में भारत-ब्राजील साझेदारी को मजबूत करने और विकासशील देशों की आवाज को वैश्विक मंच पर बुलंद करने पर सहमत हुए। पीएम मोदी ने इस साझेदारी को विश्वास का प्रतीक बताया और कहा कि यह सहयोग दोनों देशों के लिए ‘विन-विन’ साबित होगा।