पाकिस्तान की सेना ने रविवार तड़के अफगानिस्तान के नांगरहार और पक्तिका प्रांतों में सटीक एयरस्ट्राइक की। पाकिस्तानी सूचना मंत्रालय ने बताया कि यह “इंटेलिजेंस आधारित सिलेक्टिव ऑपरेशन” था, जिसमें तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और उसके सहयोगी गुटों के 7 कैंपों तथा इस्लामिक स्टेट (IS) से जुड़े एक ठिकाने को निशाना बनाया गया।
पाकिस्तान का दावा है कि ये हमले हाल के आत्मघाती हमलों का जवाब थे, जिनमें शामिल हैं:
- इस्लामाबाद की शिया मस्जिद में फरवरी की शुरुआत में हुआ ब्लास्ट (31 मारे गए)
- बाजौर और बन्नू में सैन्य काफिले पर हमले (कुल 13 सैनिक और एक बच्चे की मौत)
पाकिस्तानी सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तारड़ ने कहा, “अफगानिस्तान में बैठे TTP नेताओं और हैंडलर्स के इशारे पर ये हमले हुए। हमने सबूतों के आधार पर सिर्फ आतंकी ठिकानों को टारगेट किया।”
अफगानिस्तान का पक्ष:
तालिबान सरकार ने हमलों की कड़ी निंदा की और इन्हें “संप्रभुता का उल्लंघन” बताया। अफगान रक्षा मंत्रालय और नांगरहार के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सैयद तय्यब हमाद के अनुसार, हमले नागरिक इलाकों में हुए। गिर्दी कास गांव (बिहसूद जिला, नांगरहार) में एक धार्मिक मदरसे और कई घरों पर बम गिरे।
स्थानीय सूत्रों और अफगान मीडिया के मुताबिक, एक ही परिवार के 16-17 सदस्य (कुछ रिपोर्टों में 17 सदस्यों का 19 सदस्यीय परिवार) मारे गए। कई शव मलबे में दबे हैं। अफगानिस्तान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा, “पाकिस्तान अपनी नाकामी छिपाने के लिए निर्दोष नागरिकों को निशाना बना रहा है। हम मापा हुआ और उचित जवाब देंगे।”
यह घटना दोनों देशों के बीच तनाव को नई ऊंचाई पर ले गई है। पाकिस्तान लगातार आरोप लगाता रहा है कि अफगान तालिबान TTP को शरण दे रहा है, जबकि काबुल इन आरोपों से इनकार करता है।