पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच डूरंड लाइन पर तनाव अब गंभीर सैन्य संघर्ष में बदल गया है। दोनों पड़ोसी देशों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और जवाबी कार्रवाइयों से क्षेत्र में युद्ध जैसी स्थिति बन गई है।
तालिबान का दावा: अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने कहा है कि उसकी सेना ने पाकिस्तानी सीमा पर स्थित कई चौकियों पर हमला किया और कब्जा कर लिया। तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद के अनुसार, डूरंड लाइन पर पाकिस्तान की लगभग 15 से 19 सैन्य चौकियों पर नियंत्रण हासिल किया गया। अफगान रक्षा मंत्रालय का कहना है कि इस कार्रवाई में 55 से अधिक पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और कुछ को जिंदा गिरफ्तार किया गया। यह हमला पाकिस्तान द्वारा पहले किए गए हवाई हमलों के जवाब में बताया जा रहा है।
पाकिस्तान की प्रतिक्रिया: पाकिस्तान ने इसे उकसावे वाली कार्रवाई करार देते हुए ‘ऑपरेशन गजब लिल हक’ (जिसका अर्थ ‘न्याय के लिए प्रचंड गुस्सा’ है) शुरू करने की घोषणा की। सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने बताया कि इस ऑपरेशन के तहत अफगान तालिबान के 133 से अधिक ऑपरेटिव मारे गए और 200 से ज्यादा घायल हुए। पाकिस्तानी सेना ने काबुल, कंधार और पक्तिया प्रांतों में हवाई हमले किए, जिसमें तालिबान के रक्षा ठिकानों, कोर और ब्रिगेड मुख्यालयों, गोला-बारूद डिपो को निशाना बनाया गया। पाकिस्तान का दावा है कि उसने 27 चौकियां तबाह कीं और 9 पर कब्जा कर लिया।
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इसे “खुले युद्ध” की स्थिति करार दिया और कहा कि सेना तालिबान के हमलों का करारा जवाब दे रही है। इस्लामाबाद ने अपने नुकसान को न्यूनतम बताते हुए केवल दो सैनिकों की मौत और तीन के घायल होने की पुष्टि की है। साथ ही, काबुल में बड़े नागरिक हताहत होने के दावों को भी खारिज किया गया है।
पृष्ठभूमि और अंतरराष्ट्रीय चिंता: दोनों देशों के बीच डूरंड लाइन को लेकर लंबे समय से विवाद है, जिसे अफगानिस्तान आधिकारिक रूप से मान्यता नहीं देता। हाल के महीनों में टीटीपी (तेहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान) से जुड़े हमलों को लेकर तनाव बढ़ा था। संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन (यूएनएएमए) ने पहले पाकिस्तानी हवाई हमलों में नागरिकों (महिलाओं और बच्चों सहित) की मौत की पुष्टि की थी।