मध्य पूर्व में अमेरिका-ईरान संघर्ष ने सबसे खतरनाक रूप धारण कर लिया है। मंगलवार सुबह सऊदी अरब की राजधानी रियाद में स्थित अमेरिकी दूतावास पर दो ड्रोनों से हमला हुआ, जिसके परिणामस्वरूप परिसर में सीमित आग लगी और मामूली क्षति पहुंची। सऊदी रक्षा मंत्रालय ने इसकी पुष्टि की है, जबकि हमले को ईरान द्वारा जवाबी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दूतावास परिसर से धुआं और आग की लपटें दिखाई दी हैं, हालांकि कोई हताहत होने की तत्काल रिपोर्ट नहीं है। सऊदी अधिकारियों ने बताया कि हमला ड्रोनों से किया गया और हवाई रक्षा प्रणाली ने कुछ अन्य ड्रोनों को रोक लिया।
इस घटना के बाद अमेरिकी विदेश विभाग ने मध्य पूर्व के कई देशों में रहने वाले अपने नागरिकों के लिए आपातकालीन सलाह जारी की है। विभाग ने 14 से अधिक देशों, जिनमें सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, बहरीन, कुवैत, ओमान, मिस्र, जॉर्डन, लेबनान, इजरायल, इराक, सीरिया, यमन और अन्य शामिल हैं, से अमेरिकी नागरिकों को तुरंत निकलने का निर्देश दिया है।
विदेश विभाग ने कहा है कि सुरक्षा स्थिति गंभीर रूप से बिगड़ गई है और नागरिकों को व्यावसायिक उड़ानों या उपलब्ध सहायता से जल्द से जल्द स्वदेश लौटना चाहिए। प्रभावित क्षेत्रों में अमेरिकी मिशनों ने ‘शेल्टर इन प्लेस’ आदेश भी जारी किए हैं।
दूसरी ओर, अमेरिकी रक्षा विभाग ने पुष्टि की है कि ईरान के साथ चल रहे इस संघर्ष में अब तक 6 अमेरिकी सैनिक मारे जा चुके हैं। इनमें से दो सैनिकों के अवशेष हाल ही में बरामद हुए हैं, जो शुरुआती हमलों में लापता हो गए थे। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, कई सैनिक घायल भी हुए हैं।
पूर्व राष्ट्रपति और वर्तमान संदर्भ में डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि यह सैन्य अभियान कई हफ्तों या उससे अधिक समय तक जारी रह सकता है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह पीछे नहीं हटेगा और अमेरिकी ठिकानों के साथ-साथ क्षेत्रीय तेल सुविधाओं पर हमले तेज कर रहा है।