मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड फोरलेन मार्ग के निर्माण को किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए जमीनी स्तर पर मंजूरी प्रदान की है। इस निर्णय के बाद इंदौर जिले के सांवेर क्षेत्र के प्रभावित निवासियों ने मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर उनका धन्यवाद ज्ञापित किया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री का पगड़ी बांधकर और बड़ी माला पहनाकर स्वागत किया गया। डॉ. यादव ने सभी उपस्थित लोगों को होली तथा रंगपंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इस मौके पर जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट भी मौजूद रहे।
यात्रा समय में बड़ी कमी, विकास को नई गति
मुख्यमंत्री ने बताया कि करीब 3 हजार करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना पूरी होने पर इंदौर और उज्जैन के बीच का सफर पहले के डेढ़ घंटे से घटकर मात्र आधे घंटे में पूरा हो जाएगा। बेहतर कनेक्टिविटी से क्षेत्र में औद्योगिक विकास, लॉजिस्टिक्स, किसानों की मंडियों तक पहुंच और व्यापार को मजबूत बढ़ावा मिलेगा। यह मार्ग राष्ट्रीय स्तर पर भी व्यापार-व्यवसाय के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।
26 गांवों को सीधा लाभ
डॉ. यादव ने कहा कि ऐतिहासिक रूप से इंदौर-उज्जैन के बीच इसी रूट का उपयोग होता आया है। इस नई ग्रीनफील्ड सड़क से इंदौर के 20 और उज्जैन के 6 गांवों के निवासियों को फायदा पहुंचेगा। सिंहस्थ जैसे बड़े आयोजनों के दौरान भी यह मार्ग बेहद सुविधाजनक सिद्ध होगा। राज्य सरकार किसानों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और उनके सुझावों के आधार पर ही मार्ग का डिजाइन तैयार किया गया है।
किसानों को 816 करोड़ से अधिक मुआवजा
जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि मुख्यमंत्री अन्नदाताओं की भावनाओं और समस्याओं को गहराई से समझते हैं। इसी संवेदनशीलता के कारण परियोजना को इस रूप में स्वीकृति मिली। प्रभावित किसानों को इस प्रोजेक्ट के तहत 816 करोड़ रुपये से अधिक की मुआवजा राशि प्रदान की जाएगी, जिससे उनकी कोई असुविधा न हो।