सोमवार को भारतीय शेयर बाजार ने वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के बीच सपाट शुरुआत की। एशियाई बाजारों में देखी गई गिरावट और वैश्विक अनिश्चितताओं के प्रभाव से शुरुआती कारोबार में हल्की नरमी दिखी, हालांकि बाद में सूचकांकों में कुछ स्थिरता लौटी।
बीएसई सेंसेक्स ने करीब 74,415 अंक के स्तर पर नकारात्मक शुरुआत की। खुलने के तुरंत बाद इसमें हल्की सुधार देखा गया और यह 74,846 अंक तक पहुंचा। सुबह के सत्र में सेंसेक्स 26.38 अंक की मामूली बढ़त के साथ 74,590.30 अंक पर कारोबार कर रहा था।
इसी तरह निफ्टी 50 ने लगभग सपाट स्तर पर 23,116 अंक से कारोबार शुरू किया। शुरुआती मिनटों में इसमें भी उतार-चढ़ाव देखा गया, लेकिन बाद में यह 2.30 अंक ऊपर 23,153.40 अंक के आसपास ट्रेड कर रहा था।
विश्लेषकों के मुताबिक बाजार पर दबाव के मुख्य कारण वैश्विक स्तर की हैं। मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, विशेष रूप से ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से जारी टकराव की आशंका ने निवेशकों में चिंता पैदा की है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी भारतीय अर्थव्यवस्था और बाजार के लिए बड़ा जोखिम बनी हुई है।
इसके अलावा रुपये की कमजोरी और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की निरंतर बिकवाली ने भी बाजार के सेंटीमेंट को प्रभावित किया है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले सत्रों में वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल के रुख और FII की गतिविधियों पर बाजार की दिशा निर्भर करेगी। फिलहाल निवेशक सतर्क बने हुए हैं और बड़े दांव लगाने से पहले स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार कर रहे हैं।