पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बावजूद भारतीय झंडे वाला क्रूड ऑयल टैंकर ‘जग लाडकी’ आज सुबह गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पर पहुंच गया। इस जहाज में संयुक्त अरब अमीरात के फुजैराह से लगभग 80,800 मीट्रिक टन मुरबान कच्चा तेल लदा है, जो करीब 6 लाख बैरल के बराबर है।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, जहाज सुबह करीब 6 बजे मुंद्रा पोर्ट के सिंगल पॉइंट मूरिंग (SPM) पर सुरक्षित रूप से लंगर डाल चुका है। सभी भारतीय नाविक सकुशल हैं। यह जहाज फुजैराह पोर्ट से रविवार सुबह 10:30 बजे रवाना हुआ था और भारतीय नौसेना के युद्धपोत ने गोम ऑफ ओमान में इसकी सुरक्षा सुनिश्चित की।
फुजैराह में हुआ था हमला
जहाज जब फुजैराह ऑयल टर्मिनल पर कच्चा तेल लोड कर रहा था, उसी दौरान शनिवार को वहां हमला हुआ। इसके बावजूद जहाज को कोई नुकसान नहीं पहुंचा और अगले दिन यह सुरक्षित निकल गया। यह घटना होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले भारतीय जहाजों की चुनौतियों को उजागर करती है।
तीसरा भारतीय जहाज जो युद्ध क्षेत्र से लौटा
‘जग लाडकी’ पश्चिम एशिया संकट के दौरान भारत पहुंचने वाला तीसरा भारतीय झंडे वाला जहाज है। इससे पहले दो एलपीजी कैरियर जहाज पहुंच चुके हैं:
- शिवालिक: 16 मार्च को मुंद्रा पोर्ट पर पहुंचा, जिसमें कतर से करीब 46,000 मीट्रिक टन एलपीजी लाई गई (लगभग 32 लाख घरेलू सिलेंडरों के बराबर)।
- नंदा देवी: 17 मार्च को गुजरात के कांडला/वडीनार क्षेत्र में पहुंचा, जिसमें भी करीब 46,000 मीट्रिक टन एलपीजी थी।
शिपिंग मंत्रालय और पेट्रोलियम मंत्रालय ने इन जहाजों की सुरक्षित वापसी की पुष्टि की है। ईरान की ओर से भारतीय जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित गुजरने की अनुमति मिलने के बाद यह संभव हो सका।
ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम
भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत का बड़ा हिस्सा पश्चिम एशिया से पूरा करता है। इन जहाजों के सुरक्षित पहुंचने से देश में तेल और गैस की आपूर्ति बनी रहेगी तथा बाजार में कीमतों पर अनावश्यक दबाव नहीं पड़ेगा। रिफाइनरियां नियमित उत्पादन जारी रख सकेंगी।
सरकार ने स्थिति पर नजर रखते हुए शिपिंग कंट्रोल रूम सक्रिय किया हुआ है। मुंद्रा पोर्ट (अदानी पोर्ट्स) पर ‘जग लाडकी’ की अनलोडिंग प्रक्रिया जल्द शुरू होने की उम्मीद है।