भोपाल: ADG राजाबाबू सिंह को जान का खतरा, अज्ञात युवकों ने घर पर पहुंचकर दी धमकी

मध्य प्रदेश पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी एडीजी राजाबाबू सिंह को अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है। अज्ञात युवकों ने उनके त्रिलंगा स्थित आवास के बाहर पहुंचकर गाली-गलौज की और धमकी दी। घटना के दौरान एक युवक के हाथ में डंडा भी था, जिसकी पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।

अधिकारी ने इस मामले में शाहपुरा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है और अपनी सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने पुलिस आयुक्त को भी सुरक्षा मुहैया कराने का अनुरोध किया है।

घटना का विवरण

राजाबाबू सिंह ने बताया कि कुछ युवक कार से उनके घर के बाहर आए और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए उन्हें धमकाया। सीसीटीवी फुटेज में यह सब साफ दिख रहा है, जिसे उन्होंने पुलिस को सौंप दिया है। पुलिस अब फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है।

यह घटना ऐसे समय में हुई है जब राजाबाबू सिंह हाल ही में पुलिस ट्रेनिंग स्कूलों में धार्मिक ग्रंथों जैसे रामचरितमानस के पाठ और अन्य नवाचार शुरू कर चुके हैं। वे ट्रेनिंग को शारीरिक के साथ-साथ मानसिक और नैतिक रूप से मजबूत बनाने पर जोर देते रहे हैं।

कौन हैं राजाबाबू सिंह?

राजाबाबू सिंह मध्य प्रदेश कैडर के 1994 बैच के अनुभवी आईपीएस अधिकारी हैं। उनका जन्म 11 जुलाई 1967 को उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के पचनेही कस्बे में हुआ था। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से एमए (दर्शनशास्त्र) तक शिक्षा प्राप्त की और 1993 में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास की। 6 सितंबर 1994 को उन्हें आईपीएस में नियुक्ति मिली।

वे अनुशासनप्रिय और सुधारवादी अधिकारी के रूप में जाने जाते हैं। हाल ही में उन्होंने बीएसएफ (सीमा सुरक्षा बल) में इंस्पेक्टर जनरल के पद पर डेपुटेशन पूरा कर मध्य प्रदेश लौटकर एडीजी का पदभार संभाला है। पुलिस ट्रेनिंग में नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने विभिन्न पहल की हैं, जिसमें ट्रेनिंग सत्रों में रामचरितमानस, गीता और दक्षिणामूर्ति स्तोत्र जैसे ग्रंथों का समावेश शामिल है।