ईरान की न्यायपालिका ने इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद के लिए जासूसी करने के आरोप में एक व्यक्ति को मौत की सजा दी है। सरकारी मीडिया मिजान न्यूज एजेंसी के अनुसार, दोषी व्यक्ति की पहचान कुरोश कीवानी के रूप में हुई। अदालत ने उन्हें दोषी ठहराया कि उन्होंने मोसाद को ईरान के संवेदनशील सैन्य और सुरक्षा स्थानों की तस्वीरें तथा अन्य महत्वपूर्ण जानकारी मुहैया कराई थी।
मिजान ने रिपोर्ट में कहा कि उच्चतम न्यायालय की मंजूरी के बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के उपरांत इस सजा को लागू किया गया। ईरान और इजराइल के बीच लंबे समय से चल रहे गुप्त संघर्ष के दौरान ऐसे कई मामलों में फांसी की सजाएं दी जा चुकी हैं।
यह घटना ईरान-इजराइल युद्ध के बीच आई है, जिसमें तनाव और बढ़ गया है। ईरान ने इजराइल पर मिसाइल हमलों की नई श्रृंखला शुरू की है, जिसमें तेल अवीव के आसपास के इलाकों और रामत गान में हमले शामिल हैं। इन हमलों में दो लोगों की मौत हो गई और काफी संपत्ति को नुकसान पहुंचा। इजराइली सेना ने पुष्टि की कि ईरान ने क्लस्टर मुनिशन सहित मिसाइलें दागीं, जिससे सायरन बजाए गए और लोगों को आश्रय लेना पड़ा।
ईरान का दावा है कि ये हमले उसके सुरक्षा प्रमुख अली लारिजानी और बसीज फोर्स के कमांडर जनरल घोलाम रेजा सोलेमानी की हत्या का बदला हैं, जिन्हें इजराइली हमलों में मार गिराया गया था। युद्ध शुरू होने के बाद से इजराइल में कम से कम 14 मौतें हुई हैं, जबकि ईरान में 1,300 से अधिक और लेबनान में सैकड़ों लोग मारे जा चुके हैं। ईरान ने सऊदी अरब, कुवैत, बहरीन और अन्य खाड़ी देशों पर भी मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं, जिनमें ज्यादातर को इंटरसेप्ट कर लिया गया।