NIA ने म्यांमार उग्रवादियों को ड्रोन ट्रेनिंग देने के आरोप में 6 यूक्रेनी और 1 अमेरिकी को गिरफ्तार किया

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने एक बड़े आतंकवाद विरोधी अभियान में छह यूक्रेनी नागरिकों और एक अमेरिकी नागरिक को हिरासत में लिया है। आरोप है कि ये सभी विदेशी पर्यटक वीजा पर भारत आए, लेकिन बिना अनुमति के मिजोरम पहुंचे और फिर म्यांमार में घुसकर वहां सक्रिय जातीय सशस्त्र समूहों को ड्रोन युद्धकला, ड्रोन संचालन, असेंबली और जामिंग तकनीक का प्रशिक्षण दिया।

एनआईए के अनुसार, इन लोगों ने यूरोप से बड़ी संख्या में ड्रोन की खेप भी भारत के रास्ते म्यांमार भेजी, जो उन सशस्त्र समूहों के लिए थीं। ये समूह भारत विरोधी उग्रवादी संगठनों से जुड़े बताए जा रहे हैं। मिजोरम की करीब 510 किलोमीटर लंबी म्यांमार सीमा सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील मानी जाती है, जहां विदेशियों के लिए रिस्ट्रिक्टेड एरिया परमिट (आरएपी) या प्रोटेक्टेड एरिया परमिट (पीएपी) अनिवार्य है, लेकिन इन आरोपियों ने इसे दरकिनार कर दिया।

गिरफ्तारियां 13 मार्च को की गईं। तीन यूक्रेनी नागरिकों को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से, तीन को लखनऊ से और अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरोन वैनडाइक (मैथ्यू वैन डाइक) को कोलकाता हवाई अड्डे से पकड़ा गया। सभी पर अवैध प्रवेश, यूएपीए (गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम) और अन्य प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है।

16 मार्च को दिल्ली की एक विशेष एनआईए अदालत ने सभी सातों की हिरासत 27 मार्च तक बढ़ा दी। एजेंसी का दावा है कि पूछताछ में आरोपियों ने म्यांमार के समूहों को एक से अधिक बार प्रशिक्षण देने और ड्रोन आयात की बात स्वीकार की है। एनआईए इस पूरे नेटवर्क की गहराई में जांच कर रही है और आठ अन्य यूक्रेनी नागरिकों की तलाश भी जारी है।

यूक्रेन का विरोध, वियना संधि का हवाला इस मामले पर यूक्रेन ने कड़ी आपत्ति जताई है। यूक्रेन के राजदूत ओलेक्सांडर पोलिशचक ने भारत के विदेश मंत्रालय को औपचारिक विरोध पत्र सौंपा है। यूक्रेन का कहना है कि उसके नागरिकों के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं हैं और हिरासत की सूचना समय पर नहीं दी गई, जो वियना कांसुलर संधि का उल्लंघन है।

यूक्रेन ने यह भी कहा कि भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष अनुमति वाले नियमों की जानकारी स्पष्ट रूप से नहीं होती, जिससे अनजाने में उल्लंघन हो सकता है। अदालत में सुनवाई के दौरान यूक्रेनी दूतावास के अधिकारी मौजूद थे, लेकिन उन्हें आरोपियों से मुलाकात की अनुमति नहीं मिली, जिस पर भी आपत्ति दर्ज कराई गई।

अमेरिका का सतर्क रुख अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक के मामले में अमेरिकी दूतावास ने पुष्टि की है कि उसे मामले की जानकारी है, लेकिन गोपनीयता का हवाला देते हुए विस्तृत टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।