उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले पर पहली बार स्पष्ट प्रतिक्रिया दी है। अयोध्या में विकास कार्यों के कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने तक राम भक्तों को थोड़ा धैर्य रखना चाहिए। अपराधी कोई भी हो, उसे सजा जरूर मिलेगी।
सीएम योगी ने कहा, “राम मंदिर के निर्माण के लिए 500 साल का इंतजार किया है, अब SIT की जांच में 15 दिन और इंतजार कर लीजिए। जांच में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।” उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि किसी के पास कोई सबूत या दस्तावेज है तो उसे SIT को सौंप दें। अयोध्या को बदनाम करने की कोशिश न की जाए, क्योंकि यह करोड़ों भक्तों की आस्था का प्रतीक है।
योगी का सख्त रुख
- अपराधी कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा।
- SIT ने ट्रस्ट के अनुरोध पर गठित की गई है।
- प्रारंभिक रिपोर्ट 7 दिनों में और अंतिम रिपोर्ट 15 दिनों में प्रस्तुत करने के निर्देश।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग पहले राम भक्तों और कारसेवकों पर गोली चलाने का आदेश देते थे, वे आज राम मंदिर को बदनाम करने वाले बयान दे रहे हैं। उनका दोहरा चरित्र साफ दिख रहा है। उन्होंने सभी राम भक्तों से अपील की कि अफवाहों में न आएं और आस्था पर आघात न होने दें।