RBI का बड़ा ऐलान: कागजी नोटों की जगह आ रहे प्लास्टिक नोट, ₹10-₹20 के नोट बदल जाएंगे

भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को मौद्रिक नीति की बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में बताया कि पॉलीमर यानी प्लास्टिक से बने करेंसी नोट अगले वित्तीय वर्ष की शुरुआत में बाजार में आ सकते हैं। अगर सब कुछ योजना के मुताबिक रहा तो ये अप्रैल या मई 2027 के आसपास आम लोगों के हाथों में पहुंच सकते हैं।

गवर्नर ने स्पष्ट किया कि शुरुआत कम मूल्य वाले नोटों से की जाएगी। खासतौर पर ₹10 और ₹20 के नोटों को प्राथमिकता दी जाएगी क्योंकि इनका रोजमर्रा के लेन-देन में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है और ये जल्दी फट जाते हैं या गंदे हो जाते हैं।

सरकार ने हाल में आरबीआई के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। इसके तहत फील्ड ट्रायल के लिए एक-एक अरब ₹10 और ₹20 के पॉलीमर नोट छापे जाएंगे। इन ट्रायल में भारतीय मौसम, नमी और भारी इस्तेमाल की स्थितियों में नोटों की मजबूती की जांच की जाएगी। ट्रायल सफल रहने पर इन्हें नियमित रूप से जारी किया जाएगा।

गवर्नर मल्होत्रा ने बताया कि कई देशों में ऐसे नोट तीन दशक से भी ज्यादा समय से सफलतापूर्वक चल रहे हैं। पॉलीमर नोट कागजी नोटों से दो से चार गुना ज्यादा समय तक चलते हैं। पानी या नमी से ये खराब नहीं होते और बार-बार नए नोट छापने का खर्च भी घटेगा। पिछले वित्तीय वर्ष में आरबीआई ने कागजी नोट छापने पर हजारों करोड़ रुपये खर्च किए थे।

उन्होंने जोर देकर कहा कि पुराने कागजी नोट बंद नहीं होंगे। पॉलीमर और कागजी दोनों तरह के नोट एक साथ चलते रहेंगे। कोई भी मौजूदा नोट अमान्य नहीं होगा।

आरबीआई का मानना है कि इन नोटों में बेहतर सुरक्षा फीचर्स जोड़ना आसान होगा, जिससे नकली नोट बनाने में मुश्किल आएगी। साथ ही अर्थव्यवस्था की बढ़ती जरूरत के हिसाब से करेंसी प्रबंधन भी आसान होगा।