बहराइच में घाघरा नदी किनारे एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक मगरमच्छ ने 12 साल के बच्चे को अपने जबड़ों में दबोच लिया और आधा शरीर खा गया। मृतक की पहचान सुनील टिकुरी के रूप में हुई है, जो माता-पिता की मृत्यु के बाद चाचा के साथ रह रहा था।
घटना गुरुवार शाम की है। सुनील अपने चाचा विजय राज सिंह के साथ खेत में धान की रोपाई का काम कर रहा था। काम पूरा होने के बाद दोनों नदी किनारे हाथ-पैर धोने गए। इसी दौरान अचानक मगरमच्छ पानी से निकला और बच्चे पर झपट्टा मार दिया। बच्चे ने खुद को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन मगरमच्छ ने उसे गहरे पानी में खींच लिया।
चाचा और आसपास के ग्रामीणों ने ईंट-पत्थर फेंककर तथा नदी में कूदकर बच्चे को बचाने का प्रयास किया। ग्रामीणों ने बताया कि मगरमच्छ ने बच्चे को दो-तीन बार पानी में उछाला और फिर गहरे पानी में ले गया। करीब 7 मिनट तक चाचा बच्चे का हाथ पकड़े रहे, लेकिन मगरमच्छ की मजबूत पकड़ के आगे वे असहाय रहे।
अंधेरा होने के बाद ग्रामीणों ने टॉर्च की रोशनी और बांस के डंडों की मदद से तलाशी अभियान चलाया। करीब पांच घंटे की लगातार खोजबीन के बाद रात करीब 10 बजे घटनास्थल से 300 मीटर दूर बच्चे का आधा शव नदी में मिला। शव क्षत-विक्षत हालत में था।
वन विभाग और पुलिस की पुष्टि
वन रेंजर साकिब अंसारी ने बताया कि मगरमच्छ ने बच्चे का दाहिना पैर और कमर के नीचे का हिस्सा खा लिया था। बौंडी थाना प्रभारी टीएन मौर्या ने पूरी घटना की पुष्टि की है। शुक्रवार सुबह पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।
परिवार की दर्दनाक कहानी
सुनील टिकुरी गांव का निवासी था। उसके पिता बुधराज की पांच साल पहले और मां की सात साल पहले बीमारी से मौत हो चुकी थी। वह चार भाई-बहनों में दूसरे नंबर का था। बड़ी बहन सुमन (14), छोटा भाई संजय (10) और छोटी बहन सीमा (7) के साथ वह गांव के प्राथमिक स्कूल से जुड़ा था, हालांकि सुनील ने पढ़ाई छोड़ दी थी। माता-पिता के बाद चाचा विजय राज सिंह ही उसका सहारा थे।
ग्राम प्रधान संजय कुमार त्रिवेदी ने बताया कि चाचा खेत से खाना खाने घर आए थे, लेकिन सुनील जिद करके उनके साथ रहा और यही उसकी जिंदगी की आखिरी शाम साबित हुई।