संसद के मानसून सत्र में आज दो अहम विधेयक पारित हो गए। लोकसभा ने परीक्षाओं में पेपर लीक और धांधली रोकने के लिए सख्त प्रावधानों वाला संशोधन विधेयक पास कर दिया, जबकि राज्यसभा ने राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ को कानूनी सुरक्षा देने संबंधी संशोधित बिल को मंजूरी दे दी।
परीक्षा पेपर लीक पर कड़ी सजा का नया प्रावधान
केंद्र सरकार ने हाल की परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं को देखते हुए सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 में संशोधन किया है। लोकसभा में पारित इस विधेयक में सजा और जुर्माने को काफी बढ़ा दिया गया है।
मुख्य बातें:
- संगठित गिरोह या माफिया द्वारा पेपर लीक करने पर कम से कम 7 साल की जेल (जो 10 साल तक हो सकती है) और 10 करोड़ रुपये तक का भारी जुर्माना।
- सामान्य नकल या अनुचित साधनों पर 5 से 10 साल तक कैद और 50 लाख रुपये तक जुर्माना।
- जांच एजेंसियों को पूरा मामला 60 दिनों में निपटाना होगा।
- विशेष फास्ट-ट्रैक अदालतों में मुकदमे की सुनवाई 3 महीने के अंदर पूरी करनी होगी।
- हाईकोर्ट में अपील भी समयबद्ध तरीके से निपटाई जाएगी।
यह कानून संघ लोक सेवा आयोग, स्टाफ सिलेक्शन कमीशन, NTA जैसी संस्थाओं द्वारा आयोजित सभी प्रमुख परीक्षाओं (NEET, JEE, CUET आदि) पर लागू होगा। सरकार का उद्देश्य युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों पर मजबूत लगाम लगाना है।
‘वंदे मातरम’ को मिला कानूनी संरक्षण
राज्यसभा ने राष्ट्रीय सम्मान के अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 को स्वीकार कर लिया। अब राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ को भी राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के समान कानूनी सुरक्षा प्राप्त हो गई है।
इस संशोधन के तहत:
- यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर ‘वंदे मातरम’ का अपमान करता है, उसके गायन को रोकता है या किसी सभा में बाधा डालता है तो उसे 3 साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है।
- दोहराए जाने वाले अपराध में न्यूनतम 1 साल की कैद का प्रावधान भी है।
यह बदलाव 1971 के मौजूदा कानून में किया गया है, जिसमें पहले राष्ट्रध्वज, संविधान और राष्ट्रगान को सुरक्षा मिली हुई थी।