मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और छत्तीसगढ़ में पिछले एक दिन से मूसलाधार बारिश जारी है। इससे कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है, सड़कें पानी में डूब गई हैं और निचले क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश में फर्रुखाबाद जिले में गंगा नदी के तेज बहाव और कटान के कारण एक गांव के करीब 25 मकान नदी में समा गए। गंगा और यमुना समेत कई नदियां खतरे के निशान पार कर बह रही हैं। फर्रुखाबाद और बिजनौर इलाकों में नदी का पानी हाईवे पर फैल गया है। आसपास के करीब 40 गांव प्रभावित हुए हैं। सहारनपुर में भी एक नदी में अचानक पानी बढ़ने से पुल को नुकसान पहुंचा है।
राजस्थान के हाड़ौती क्षेत्र में कोटा, बारां, बूंदी और झालावाड़ जिलों में 24 घंटे के अंदर 12 इंच तक बारिश रिकॉर्ड की गई। बांधों से पानी छोड़ने के कारण निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। एक स्कूल में पानी भर जाने से दर्जनों बच्चों को निकालना पड़ा। राज्य के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी है।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में करीब सात इंच बारिश हुई। शहर की कई कॉलोनियों और हजारों घरों के आसपास पानी भर गया। सड़कें जलमग्न हो गईं और यातायात प्रभावित हुआ। बचाव दल सक्रिय हैं और कई लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। कुछ जगहों पर स्कूलों की छुट्टी भी घोषित की गई।
उत्तराखंड के चमोली क्षेत्र में भारी बारिश और बादल फटने की घटना से एक पुल बह गया, जिससे कई गांवों का संपर्क कट गया। हिमाचल प्रदेश में भी कई सड़कें बंद हैं। मौसम विभाग ने इन राज्यों में अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रहने की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने और नदी-नालों के पास न जाने की सलाह दी है।