बारिश का कहर: प्रयागराज में घरों में पानी घुसा, बिहार में स्कूल पानी में 

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही तेज बारिश ने शहर के निचले इलाकों को जलमग्न कर दिया है। तीन दिनों में कुल करीब 209 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जिसमें एक दिन में ही 120 मिलीमीटर से अधिक पानी गिरा। इससे करेली, राजरूपपुर, जॉर्ज टाउन, राजापुर और मुंडेरा जैसे कई क्षेत्रों में घरों के अंदर तीन से पांच फीट तक पानी भर गया।

परिवारों के घरेलू सामान फर्नीचर, बिस्तर, कपड़े और खाद्य सामग्री पानी में डूबकर बेकार हो गए या तैरते नजर आए। कई लोग सुरक्षित रहने के लिए छत पर चले गए। कुछ जगहों पर फंसे लोगों को एनडीआरएफ की टीमों ने नावों की मदद से निकाला। रामबाग रेलवे स्टेशन के आसपास ट्रैक भी पानी में डूब गए, जिससे रेल सेवाएं प्रभावित हुईं। अनुमान है कि हजारों घर इस जलभराव से प्रभावित हुए हैं। स्थानीय प्रशासन जल निकासी और राहत कार्यों में लगा हुआ है।

बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के बगहा इलाके में गंडक नदी के तेज कटाव ने गंभीर स्थिति पैदा कर दी है। मधुबनी प्रखंड के चिउरही क्षेत्र में स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय के पांच में से चार कमरे नदी के बहाव में समा गए। आसपास के लगभग 109 घर भी नदी में विलीन हो चुके हैं। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है तथा बच्चों की पढ़ाई के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है।

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी भारी बारिश और भूस्खलन की घटनाएं जारी हैं। उत्तराखंड के कोटद्वार क्षेत्र में एक मकान मलबे के नीचे दब गया, जिसमें एक छोटे बच्चे और एक वृद्ध महिला की मौत हो गई। एक व्यक्ति अब भी लापता है। हिमाचल में कई जगहों पर नदी-नालों का पानी उफान पर है और कुछ पुल बह गए या क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे आवागमन बाधित हुआ है। दोनों पहाड़ी राज्यों में सड़कें बंद होने और भूस्खलन की खबरें आ रही हैं। मौसम विभाग ने आगे भी भारी बारिश की चेतावनी जारी रखी है।