बैंक शाखाओं में सप्ताह के पांच दिन ही कामकाज हो, इस लंबे समय से लंबित मांग को लेकर राजधानी भोपाल के अरेरा हिल्स क्षेत्र में गुरुवार शाम बैंक कर्मचारी और अधिकारी एकत्र होंगे। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के निर्देश पर यह प्रदर्शन सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के जोनल कार्यालय के सामने जेल रोड पर आयोजित किया जा रहा है।
फोरम के स्थानीय समन्वयक वीके शर्मा ने स्पष्ट किया कि यह सिर्फ स्थानीय कार्यक्रम नहीं, बल्कि पूरे देश में चल रहे आंदोलन का हिस्सा है। कर्मियों की प्रमुख मांगें हैं, पांच दिवसीय कार्य सप्ताह तुरंत लागू करना, सरकार की नई प्रदर्शन-आधारित प्रोत्साहन योजना को वापस लेना या रोकना, यूनियनों से बातचीत कर उसमें बदलाव करना और अन्य अधूरे मुद्दों का निपटारा करना।
मांग क्यों उठ रही है?
साल 2015 में सिर्फ दूसरे और चौथे शनिवार को छुट्टी का प्रावधान किया गया था। मार्च 2024 के वेतन समझौते में बैंक संघ और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन के बीच सहमति बनी थी कि रोजाना करीब 40 मिनट अतिरिक्त काम के बदले बाकी सभी शनिवार भी अवकाश घोषित किए जाएं। इससे कुल काम के घंटे लगभग समान रहेंगे। यह प्रस्ताव वित्त मंत्रालय को भेजा गया, लेकिन दो साल से ज्यादा समय बीतने के बावजूद मंजूरी नहीं मिली।
इसके अलावा वरिष्ठ अधिकारियों के लिए लाई गई नई प्रोत्साहन योजना को यूनियनें एकतरफा और भेदभावपूर्ण बता रही हैं। पेंशन संबंधी कुछ पुराने मुद्दे भी अभी तक सुलझे नहीं हैं। यूनियन नेताओं का कहना है कि डिजिटल बैंकिंग बढ़ने के बावजूद शाखाओं में दबाव कम नहीं हुआ है।
आगे हड़ताल का कार्यक्रम
संगठन ने पहले ही कार्यक्रम घोषित कर दिया है। 11 सितंबर को एक दिन की देशव्यापी हड़ताल, सितंबर के आखिर में तीन दिन की हड़ताल और मांगें पूरी न होने पर 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी गई है। जनवरी में भी इसी मुद्दे पर एक दिन की हड़ताल हो चुकी थी।