दशहरे पर इंदौर-उज्जैन में तेज बारिश का खतरा, गुना में बारिश से मक्के की फसल बर्बाद

रविवार शाम अचानक बदले मौसम ने गुना जिले के किसानों और व्यापारियों को बड़ा झटका दिया है। आधे घंटे से अधिक समय तक हुई तेज बारिश ने खेतों में कटी पड़ी मक्का की फसल को भीगो दिया। वहीं मंडी परिसर में खुले में सुखाई जा रही मक्का बारिश के पानी के साथ बह गई, जिससे व्यापारियों को लाखों रुपये का नुकसान होने की बात कही जा रही है।

शहर में शाम करीब छह बजे तेज हवा और बिजली के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हुई। सड़कें जलमग्न हो गईं और नवरात्रि के पंडालों की व्यवस्थाएं भी प्रभावित हुईं। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि कंबाइन से कटी मक्का में पहले से नमी ज्यादा होती है। पानी पड़ने से उसमें फफूंद लगने और गुणवत्ता बिगड़ने का खतरा बढ़ गया है। गीली फसल का सही भाव न मिलने से किसानों को आर्थिक नुकसान का डर सता रहा है। प्रशासन और कृषि विभाग नुकसान का सर्वे कर रहा है।

सोमवार को 15 जिलों में बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने आज भोपाल, उज्जैन, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, देवास, सीहोर, विदिशा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर और दमोह सहित 15 जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की भी संभावना है।

दशहरे के दिन पश्चिमी मध्य प्रदेश में खराब मौसम

20 अक्टूबर को दशहरा पर्व पर प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में मौसम और बिगड़ सकता है। मौसम विभाग के अनुसार इंदौर, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, आलीराजपुर, बड़वानी, धार, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, शाजापुर, हरदा और बैतूल में आंधी-बारिश होने का अनुमान है। अगले तीन-चार दिनों तक पश्चिमी जिलों में यही स्थिति बनी रह सकती है, जबकि पूर्वी हिस्से में मौसम साफ रहने की उम्मीद है।

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, पश्चिमी हिस्से से गुजर रही ट्रफ और चक्रवातीय परिसंचरण के कारण बारिश हो रही है। मानसून भले ही तीन अक्टूबर को विदा हो गया हो, लेकिन नए सिस्टम सक्रिय होने से अक्टूबर में भी बारिश का सिलसिला जारी है।