टाइगर श्रॉफ पर गोलीबारी मामले में तीन आरोपी कोटा से गिरफ्तार

बॉलीवुड स्टार टाइगर श्रॉफ की कार पर मुंबई के जुहू इलाके में हुई फायरिंग के मामले में पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता हासिल हुई है। राजस्थान पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स और कोटा सिटी पुलिस की संयुक्त टीम ने तीन संदिग्धों को कोटा रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इनमें से दो आरोपी हरियाणा के सोनीपत जिले के रहने वाले हैं, जबकि तीसरा बिहार के बेगूसराय का मूल निवासी है। गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों में 17 वर्षीय फूल सिंह, 18 वर्षीय रेहान और 22 वर्षीय ऋतिक कुमार उर्फ रोशन शामिल हैं। ऋतिक कुमार मुंबई के अंधेरी वेस्ट में रह रहा था और रैपिडो राइडर के रूप में काम करता था।

घटना के बाद ये तीनों मुंबई से भागकर पुणे-जयपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन में सवार हो गए थे। मुंबई पुलिस द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर राजस्थान पुलिस ने कोटा में ट्रेन के रुकने के दौरान उन्हें पकड़ लिया। यह कार्रवाई घटना के लगभग 12 से 16 घंटे के अंदर पूरी हुई।

क्या हुई थी घटना

18 अक्टूबर 2026 की शाम करीब सात बजे जुहू के पुष्पा पार्क के आसपास टाइगर श्रॉफ फुटबॉल मैच के बाद लौट रहे थे। तभी बाइक सवार तीन हमलावरों ने उनकी कार पर कई गोलियां दाग दीं। अभिनेता सुरक्षित रहे, लेकिन उनके ड्राइवर फिरदौस और एक ऑटो चालक घायल हो गए। ड्राइवर का इलाज नानावती अस्पताल में चल रहा है। मुंबई पुलिस ने हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया है।

गैंग कनेक्शन का दावा

घटना के तुरंत बाद लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े बताए जा रहे अनिल पंडित और हरमन संधू ने सोशल मीडिया पोस्ट व ऑडियो मैसेज के जरिए हमले की जिम्मेदारी स्वीकार की। अनिल पंडित (32 वर्ष) हरियाणा के पानीपत जिले के रैर कलां गांव का रहने वाला है और वर्तमान में अमेरिका में बताया जाता है। उसने दावा किया कि टाइगर श्रॉफ को सलमान खान के साथ काम न करने की चेतावनी दी गई थी, जिसे नजरअंदाज करने पर यह हमला किया गया। ऑडियो में सलमान खान को भी धमकी दी गई और बिश्नोई समुदाय से माफी मांगने की बात कही गई।

कोटा पुलिस ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है। तीनों आरोपियों से पूछताछ जारी है, जबकि मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच मामले की गहन जांच कर रही है।