‘मोदी क्या, बाप भी जाएगा’ खड़गे के बयान पर सियासी भूचाल, सम्राट की माफी मांग

पटना में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के एक बयान ने राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। रविवार को बापू सभागार में बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की जयंती कार्यक्रम के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता का जिक्र करते हुए कहा था- “मोदी क्या, मोदी का बाप भी जाएगा।”

कार्यक्रम में खड़गे मतदाता सूची की समीक्षा प्रक्रिया में अनियमितताओं की बात कर रहे थे और दोषियों को जेल भेजने की चेतावनी दे रहे थे। तभी सभागार में बैठे एक व्यक्ति ने बीच में कहा कि मोदी नहीं जाएंगे। इसके जवाब में खड़गे ने ऊपर वाला वाक्य दो-तीन बार दोहराया। इसके बाद वहां मौजूद लोगों ने उस व्यक्ति को घेर लिया और बाहर निकाल दिया। बाद में उस व्यक्ति ने खुद को कांग्रेस कार्यकर्ता बताया और कहा कि उनकी बात अधूरी सुनी गई थी।

भाजपा के बिहार प्रदेश कार्यसमिति सदस्य ने पटना कोतवाली थाने में खड़गे के खिलाफ शिकायत दायर की है। शिकायत में आरोप है कि सार्वजनिक मंच से प्रधानमंत्री और उनके दिवंगत पिता के बारे में अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। दिल्ली में भी एक संगठन ने इस मुद्दे पर शिकायत दर्ज कराने की बात कही है। भाजपा ने सोमवार को देशभर में विरोध प्रदर्शन का कार्यक्रम भी तय किया है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने खड़गे की टिप्पणी की निंदा करते हुए कहा कि कांग्रेस ने मर्यादा की सीमाएं तोड़ दी हैं। उन्होंने याद दिलाया कि पहले भी मोदी और उनके परिवार के सदस्यों पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की जा चुकी हैं।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी इस बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री के पिता के प्रति ऐसी भाषा का इस्तेमाल अस्वीकार्य है। सम्राट चौधरी ने मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी से सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की है।

कांग्रेस की ओर से इस विवाद पर सफाई दी गई है कि बयान का संदर्भ अलग था और इसमें कोई गाली नहीं दी गई। पार्टी का कहना है कि खड़गे का इशारा वैचारिक संगठन की ओर था। दोनों तरफ से आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं और मामला राजनीतिक रूप से गरमाया हुआ है।