भोपाल: प्रदेश के किसानों को पहली बार 13 नवंबर को भावांतर भुगतान योजना का लाभ मिलने वाला है। इसके लिए देवास के पुलिस ग्राउंड में इसके लिए राज्य स्तरीय आयोजन होंने वाला है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव वहां भावांतर भुगतान योजना में पंजीयन कराने और प्रदेश की मंडियों में सोयाबीन बेचने वाले किसानों के बैंक खातों में भावांतर भुगतान योजना के तहत राशि ट्रांसफर करेंगे। मध्यप्रदेश में 24 अक्टूबर से 7 नवंबर तक 14 दिन प्रदेश के एक लाख 44 हजार 180 किसानों द्वारा प्रदेश की 245 मंडियों में बेचे गए 24 लाख 67 हजार 100 क्विंटल सोयाबीन की कीमतों के आधार पर मंडी बोर्ड ने सात नवंबर को पहला भावांतर मॉडल रेट 4020 रुपए जारी किया था। आठ नवंबर को दूसरा भावांतर मॉडल रेट 4033 रुपए आया है। मध्यप्रदेश में कुल 259 मुख्य मंडिया और 298 उपमंडिया है। इनमें से 245 मंडियों में सोयाबीन बिकने के लिए आई है। किसानों को मंडियों में बिकने वाले सोयाबीन और मॉडल रेट के अंतर की राशि राज्य सरकार उनके खाते में देगी। ई मंडी पोर्टल पर अब रोजाना मॉडल रेट जारी किए जाएंगे। इसे किसान खुद देखेंगे। भावांतर भुगतान योजना में 9 लाख 36 हजार 352 किसानों ने पंजीयन कराया है। योजना की शुरुआत से लेकर अब तक गंजबासौदा, देवास, उज्जैन, इंदौर और आगर में सर्वाधिक सोयाबीन की आवक हुई।
छह नवंबर को आलोट मंडी में सर्वाधिक बोली 6 हजार 777 रुपए प्रति क्विंटल रही। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का कहना है कि भावांतर भुगतान योजना को लेकर किसानों में भारी उत्साह है। किसानों को किसी तरह का नुकसान राज्य सरकार नहीं होंने देगी।
प्रदेश के अन्नदाताओं को सोयाबीन की उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ दिलाने के लिए भावांतर भुगतान योजना लागू की गई है। तेरह नवंबर को पहली बार प्रदेश के किसानों को उनकी मेहनत की भरपूर कीमत राज्य सरकार देने जा रही है। इस दिन किसानों के बैंक खातों में भावांतर भुगतान योजना योजना के अंततर की राशि बैँक खातों में ट्रांसफर करेंगे। कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना का कहना है कि प्रदेश के किसानों को भावांतर राशि भुगतान करने के लिए रीवा में पुलिस ग्राउंड पर राज्य स्तरीय आयोजन किया जाएगा।