यातायात व्यवस्था के लिए चुनौती बने 15000 ए-रिक्शे
भोपाल: जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते राजधानी भोपाल में ई-रिक्शा शहर में हर दिन लगते जाम और हादसों की वजह बनते जा रहे हैं। वर्तमान में लगभग 15000 ई-रिक्शा मनमानी ढंग से जहां चाहें सड़कों पर दौड़ रहे हैं। राजधानी की व्यस्ततम 12 सड़कों पर ई-रिक्शा की नो-एंट्री के आदेश को पांच माह बीत चुके हैं, लेकिन, इसका पालन नहीं हो रहा है। सभी नो-एंट्री जोन में धड़ल्ले से ईरिक्शा दौड़ रहे हैं। वहीं कार्रवाई न होने से पीक आवर्स में जाम की समस्या बनती है। बता दें कि करीब 5 महीने पहले 27 जून को जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में ईरिक्शा चलाने पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया था। 22 जुलाई को कलेक्टर ने आदेश जारी किया था कि ई-रिक्शा की एंट्री पर 12 प्रमुख रूट पर नो-एंट्री रहेगी। इसका पालन ट्रैफिक पुलिस को कराना होगा। राजधानी में यातायात की समस्याओं और ई-रिक्शा चालकों की अव्यवस्थाओं के चलते ट्रैफिक पुलिस ने एक ड्राफ्ट तैयार किया था। इस नए नियम के अनुसार, ई-रिक्शा चालक अब शहर में अपने घर से केवल 15 किलोमीटर के दायरे में ही अपने वाहन चला पाएंगे। ई रिक्शा के लिए अलग से स्टैंड भी बनाए जाएंगे और उनका रजिस्ट्रेशन भी किया जाएगा। लेकिन यह सिर्फ कागजों तक सीमित रह गया।