दिल्ली ब्लास्ट मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अपनी जाँच तेज कर दी है। NIA ने सोमवार को सुसाइड बॉम्बर आतंकी डॉ. उमर नबी के एक और साथी शोएब को गिरफ्तार किया है। फरीदाबाद के धौज गाँव का रहने वाला शोएब अल-फलाह यूनिवर्सिटी में वार्ड बॉय था। उस पर आतंकी उमर को सामान की लॉजिस्टिक्स (आवाजाही) में मदद करने और नूंह में किराए पर कमरा दिलाने का आरोप है, जहाँ उमर ब्लास्ट से 10 दिन पहले रुका था। शोएब की गिरफ्तारी के साथ ही इस हाई-प्रोफाइल मामले में कुल गिरफ्तारियों की संख्या सात हो गई है।
व्हाइट कॉलर मॉड्यूल की परतें खुलीं
गिरफ्तार डॉ. मुजम्मिल शकील की निशानदेही के बाद, NIA अब आतंकी मॉड्यूल में शामिल डॉ. आदिल अहमद और डॉ. शाहीन सईद को अल-फलाह यूनिवर्सिटी लाकर जाँच करेगी।
उमर नबी के पुराने दोस्त आदिल के बयान के तौर पर फरीदाबाद (फतेहपुरा तगा और धौज गाँव) के आसपास मुस्लिम आबादी वाले इलाकों में विस्फोटक सामग्री जुटाने का आइडिया दिया था। आदिल की गिरफ्तारी के बाद ही बाकी डॉक्टरों के नाम और विस्फोटक ठिकानों का भंडाफोड़ हुआ था।
सूत्रों के मुताबिक, आतंक के इस नेटवर्क में डॉ. शाहीन सईद को अहम जिम्मेदारी दी गई थी। वह कथित तौर पर यूनिवर्सिटी में भर्ती और ब्रेन वॉश करने का काम करती थीं। अब जाँच एजेंसी शाहीन को यूनिवर्सिटी लाकर मीटिंग स्पॉट और उनकी गाड़ी में छिपाए गए हथियारों की जानकारी जुटाएगी।
मुजम्मिल शकील ने NIA को निशानदेही के दौरान बताया कि उसने जनवरी-फरवरी 2023 में लक्ष्मी बीज भंडार और मदान बीज भंडार जैसे दुकानों से अमोनियम नाइट्रेट खरीदा था।
जाँच एजेंसी अब यूनिवर्सिटी में आतंकी नेटवर्क की पहुँच और डॉक्टरों के संपर्क में आए अन्य लोगों की पहचान कर रही है।