मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के आशापुर निवासी असम राइफल्स के जवान गोविंदा मालवीय का ब्लड कैंसर से लंबी लड़ाई के बाद गुरुवार को असम के आर्मी अस्पताल में निधन हो गया। गोविंदा मालवीय असम राइफल्स में ERA (इंजन रूम आर्टिफिशर) के पद पर तैनात थे और उनकी ड्यूटी भारत-बांग्लादेश सीमा पर थी।
दो साल बाद होना था रिटायरमेंट
जानकारी के अनुसार, जवान गोविंदा मालवीय को ब्लड कैंसर था और वे करीब डेढ़ साल से बीमार चल रहे थे। पिछले तीन महीने से उनकी हालत और ज्यादा गंभीर हो गई थी, जिसके चलते उनका इलाज असम के आर्मी अस्पताल में चल रहा था।
गोविंदा 2010 में सेना में भर्ती हुए थे और दो साल के भीतर उनका रिटायरमेंट होना था। उसकी शादी दो साल पहले हुई थी और उनकी पत्नी भी एक पुलिसकर्मी हैं। वह अपने पीछे 6 महीने की एक छोटी बेटी छोड़ गए हैं। वह परिवार में तीन बहनों और दो भाइयों में सबसे बड़े थे। वह आखिरी बार इसी साल अगस्त में रक्षाबंधन पर्व पर अपने घर आशापुर आए थे, जिसके बाद उनकी तबीयत और बिगड़ गई थी।
गार्ड ऑफ ऑनर के साथ अंतिम संस्कार
जवान गोविंदा का पार्थिव शरीर शनिवार सुबह 9 बजे आशापुर स्थित फॉरेस्ट डिपो पर पहुंचा, जहां पहले उन्हें घर ले जाया गया। इसके बाद अंतिम संस्कार के लिए मुक्तिधाम ले जाया गया। आर्मी अफसरों और स्थानीय प्रशासन की मौजूदगी में उन्हें भारतीय सेना की ओर से गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जा रहा है। इस दुखद घड़ी में पूरा गांव शहीद को अंतिम विदाई देने के लिए उमड़ पड़ा है।