दिल्ली में प्रदूषण का कहर: GRAP-4 लागू, गैर BS6 वाहनों पर सख्ती और भारी जुर्माना

दिल्ली में सर्दी की शुरुआत के साथ ही वायु प्रदूषण फिर से बड़ा संकट बनकर उभरा है। राजधानी में हवा की गुणवत्ता सूचकांक (AQI) लगातार ‘गंभीर’ श्रेणी में बना हुआ है, जिससे बाहर निकलना और सांस लेना दोनों चुनौतीपूर्ण हो गए हैं। इस प्रदूषण का सबसे ज्यादा असर बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों, गर्भवती महिलाओं और श्वास संबंधी रोगियों पर पड़ रहा है।

इस समस्या से निपटने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं, खासकर वाहनों पर नियंत्रण के लिए। दिल्ली में प्रवेश करने वाले बाहर से पंजीकृत वाहनों के लिए अब BS-6 मानकों का पालन जरूरी कर दिया गया है। गैर BS-6 वाहनों को शहर में आने पर भारी जुर्माना लगाया जा रहा है और उन्हें वापस लौटाया जा रहा है। पहले दिन ही कई वाहनों पर 20,000 रुपये तक का चालान काटा गया, हालांकि कुछ मामलों में आर्थिक स्थिति को देखते हुए पुलिस ने छूट भी दी।

उत्तर प्रदेश और हरियाणा की सीमाओं पर विशेष जांच चौकियां स्थापित की गई हैं। चिल्ला बॉर्डर पर दिल्ली और यूपी पुलिस की संयुक्त टीमें तैनात हैं, जहां बैरिकेड्स लगाकर और मोबाइल ऐप से वाहनों की जांच की जा रही है। कालिंदी कुंज जैसे इलाकों में भी बिना वैध प्रदूषण प्रमाणपत्र वाले वाहनों पर कार्रवाई हो रही है, और दोपहर तक कई चालान जारी किए गए। डीएनडी फ्लाईवे पर ट्रैफिक पुलिस की सतर्क निगरानी बनी हुई है। सुबह के समय जाम से बचाने के लिए थोड़ी राहत दी गई, लेकिन दिन चढ़ने के साथ सख्ती बढ़ा दी गई। पुलिसकर्मी खुद मास्क लगाकर ड्यूटी निभा रहे हैं, क्योंकि प्रदूषण का स्तर बहुत ऊंचा है।

वर्तमान में दिल्ली का AQI ‘गंभीर’ स्तर पर है, ऐसे में गैर-जरूरी काम होने पर घर में रहना ही बेहतर विकल्प है। GRAP-4 के तहत कई प्रतिबंध लागू हैं, जिनमें सरकारी और निजी कार्यालयों में कर्मचारियों को घर से काम करने की सलाह शामिल है। इससे सड़कों पर वाहनों की तादाद कम होगी और प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिलेगी।