भारतीय महिला हॉकी में ‘मारिन युग’ की वापसी: टोक्यो ओलंपिक के हीरो शोर्ड मारिन फिर बने मुख्य कोच

भारतीय महिला हॉकी के सुनहरे दौर की वापसी की उम्मीदें जग गई हैं। हॉकी इंडिया ने शुक्रवार को आधिकारिक पुष्टि की है कि हॉलैंड के दिग्गज कोच शोर्ड मारिन (Sjoerd Marijne) को एक बार फिर भारतीय महिला हॉकी टीम का मुख्य कोच नियुक्त किया गया है। यह वही मारिन हैं, जिनकी कोचिंग में भारतीय बेटियों ने टोक्यो ओलंपिक में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए चौथा स्थान हासिल किया था और दुनियाभर का दिल जीता था।

“वापस आकर उत्साहित हूँ”: शोर्ड मारिन

बतौर कोच अपनी दूसरी पारी की शुरुआत पर खुशी जाहिर करते हुए मारिन ने कहा, “साढ़े चार साल बाद वापसी करना सुखद अहसास है। मेरा सपना खिलाड़ियों को वैश्विक मंच पर उनकी पूरी क्षमता के साथ प्रदर्शन करने के लिए तैयार करना और टीम के विकास में योगदान देना है।” शोर्ड मारिन 14 जनवरी को भारत पहुंचेंगे और 19 जनवरी से बेंगलुरु के साई (SAI) सेंटर में शुरू होने वाले नेशनल कोचिंग कैंप की कमान संभालेंगे।

 पहली बड़ी चुनौती: वर्ल्ड कप क्वालिफायर

मारिन के सामने जिम्मेदारी संभालते ही सबसे बड़ी चुनौती हैदराबाद में होने वाला हॉकी महिला वर्ल्ड कप क्वालिफायर होगा। यह महत्वपूर्ण टूर्नामेंट 8 से 14 मार्च, 2026 तक आयोजित किया जाएगा। हॉकी इंडिया के अध्यक्ष डॉ. दिलीप टिर्की ने इस नियुक्ति पर कहा कि खेल मंत्रालय और साई के सहयोग से यह प्रक्रिया तेजी से पूरी की गई है ताकि टीम की तैयारियों में कोई बाधा न आए। उन्होंने टीम की ‘फिटनेस’ को सफलता की कुंजी बताया।

 मजबूत सपोर्ट स्टाफ की भी हुई वापसी

हॉकी इंडिया ने मारिन के साथ-साथ एक अनुभवी सपोर्ट स्टाफ की टीम भी तैनात की है:

अर्जेंटीना के पूर्व ओलंपिक मिडफील्डर मटियास विला मारिन के सहायक होंगे। विला के पास दो दशकों का कोचिंग अनुभव है। डॉ. वेन लोम्बार्ड की वापसी हुई है, जो एथलेटिक परफॉर्मेंस के हेड होंगे। उनके साथ रोडेट यिला और सियारा यिला भी साइंटिफिक टीम का हिस्सा होंगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि मारिन की वापसी से टीम के मनोबल में भारी इजाफा होगा, क्योंकि वर्तमान टीम के अधिकांश खिलाड़ी उनके कोचिंग स्टाइल और अनुशासन से अच्छी तरह वाकिफ हैं।