मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार, 5 जनवरी 2026 को राजस्थान की राजधानी जयपुर पहुंचे, जहाँ उन्होंने ‘राजस्थान डिजीफेस्ट-टीआईई ग्लोबल समिट-2026’ में शिरकत की। जयपुर प्रदर्शनी एवं सम्मेलन केंद्र (JECC) में आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। इस दौरान डॉ. यादव ने वैश्विक निवेशकों और उद्योग जगत के दिग्गजों के सामने मध्य प्रदेश को अगली पीढ़ी की तकनीक और नवाचार (Innovation) के पसंदीदा गंतव्य के रूप में प्रस्तुत किया।
‘सिल्वर स्टेट पार्टनर’ के रूप में एमपी की धाक
टीआईई ग्लोबल समिट-2026 में मध्य प्रदेश का विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ‘सिल्वर स्टेट पार्टनर’ के रूप में शामिल हो रहा है। यह साझेदारी नवंबर 2025 में हुए ‘एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0’ के दौरान टीआईई राजस्थान और एमपी सरकार के बीच हुए समझौते का परिणाम है। इस समिट के माध्यम से मध्य प्रदेश सरकार आईटी (IT), ड्रोन तकनीक, एवीजीसी (AVGC), और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण (ESDM) जैसे उभरते क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
मध्य प्रदेश पवेलियन और स्टार्टअप्स से सीधा संवाद
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्मेलन स्थल पर ‘इनोवेशन एक्सपो’ का भ्रमण किया और मध्य प्रदेश पवेलियन (स्टाल नंबर P11, हॉल 2) में राज्य के स्टार्टअप्स और इनोवेटर्स से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने वहां प्रदर्शित नवीन तकनीकों की सराहना की और उद्यमियों को सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया। उन्होंने यश टेक्नोलॉजीज, इंफोबीन्स और इम्पेटस टेक्नोलॉजीज जैसी राज्य की प्रमुख तकनीकी कंपनियों के प्रमुखों के साथ भी संवाद किया।
रणनीतिक बैठकें और भविष्य का रोडमैप
समिट के इतर मुख्यमंत्री ने विभिन्न बहुराष्ट्रीय कंपनियों के सीईओ और वैश्विक निवेशकों के साथ वन-टू-वन (व्यक्तिगत) बैठकें कीं। डॉ. यादव ने बताया कि मध्य प्रदेश अब केवल कृषि में ही नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल गवर्नेंस में भी अग्रणी बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने राज्य की प्रगतिशील नीतियों, जैसे ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) और ड्रोन नीति के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की, ताकि राज्य में दीर्घकालिक रणनीतिक निवेश सुनिश्चित किया जा सके।