चावल उत्पादन में चीन को पछाड़कर बना दुनिया का ‘नंबर वन’ देश; कृषि मंत्री ने लॉन्च कीं 184 नई किस्में

भारत ने वैश्विक कृषि परिदृश्य पर एक बड़ी जीत दर्ज की है। चावल उत्पादन के मामले में पड़ोसी देश चीन को पीछे छोड़ते हुए भारत अब दुनिया का सबसे बड़ा उत्पादक देश बन गया है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार, 6 जनवरी 2026 को इस अभूतपूर्व उपलब्धि की घोषणा करते हुए बताया कि भारत का चावल उत्पादन 15.18 करोड़ टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है, जो चीन के 14.5 करोड़ टन के मुकाबले कहीं अधिक है।

कृषि मंत्री ने दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि भारत कभी भोजन की कमी से जूझने वाला देश था, लेकिन आज वह दुनिया को अनाज उपलब्ध कराने वाला ‘ग्लोबल फूड प्रोवाइडर’ बन चुका है। प्रचुर अनाज भंडार होने के कारण भारत न केवल अपनी खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में चावल की आपूर्ति कर वैश्विक स्तर पर इसकी कीमतों को नियंत्रित रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

25 फसलों की 184 नई किस्में लॉन्च

किसानों की आय बढ़ाने और पैदावार में सुधार के लिए कृषि मंत्री ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) द्वारा विकसित 25 फसलों की 184 नई किस्में जारी कीं।

: ये किस्में न केवल अधिक पैदावार देंगी, बल्कि जलवायु परिवर्तन के प्रति भी अनुकूल होंगी। मंत्रालय के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि ये नए बीज जल्द से जल्द आम किसानों तक पहुंचाए जाएं।

कृषि क्रांति का नया युग

शिवराज सिंह चौहान ने बीज विकास के क्षेत्र में सरकार की सफलता का विवरण साझा करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अब तक 3,236 उन्नत किस्मों को मंजूरी दी जा चुकी है। तुलनात्मक रूप से, साल 1969 से 2014 के बीच केवल 3,969 किस्में ही अधिसूचित की गई थीं। उन्होंने कहा कि उन्नत बीजों के बल पर भारत अब कृषि क्रांति के एक नए और आधुनिक युग में प्रवेश कर चुका है।