भारत का सबसे बड़ा डेटा सेंटर राजस्थान में बनेगा; 10 लाख युवाओं को मिलेगी ट्रेनिंग

राजस्थान की राजधानी जयपुर के सीतापुरा स्थित JECC में आयोजित ‘डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट-2026’ भारत के तकनीकी भविष्य के लिए एक बड़ा मील का पत्थर साबित हुआ है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता और केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव तथा जितिन प्रसाद की उपस्थिति में आयोजित इस सम्मेलन में राजस्थान को ‘ग्लोबल टेक हब’ बनाने के लिए कई क्रांतिकारी घोषणाएं की गईं।

प्रमुख घोषणाएं और महत्वपूर्ण पहल

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जयपुर में देश का सबसे बड़ा डेटा सेंटर स्थापित करने का ऐलान किया है, जिसका भूमि पूजन जल्द ही किया जाएगा। उन्होंने बताया कि भारत अब एआई इनोवेशन में दुनिया के टॉप 3 देशों (अमेरिका और चीन के साथ) में शामिल है। इसी उपलब्धि को आगे बढ़ाते हुए राजस्थान से 10 लाख युवाओं को एआई स्किलिंग देने के राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। इसके साथ ही लघु उद्योग भारती के माध्यम से 5,000 युवाओं को विशेष औद्योगिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

राजस्थान AI/ML पॉलिसी 2026 हुई लॉन्च

समिट के दौरान राजस्थान सरकार ने अपनी महत्वाकांक्षी एआई और मशीन लर्निंग पॉलिसी 2026 जारी की। इस नीति का मुख्य उद्देश्य सरकारी सेवाओं को एआई के जरिए पारदर्शी और सुलभ बनाना, स्थानीय स्टार्टअप्स को विशेष आर्थिक प्रोत्साहन देना और प्रदेश में अत्याधुनिक एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करना है। सरकार का लक्ष्य तकनीक का ‘लोकतांत्रिकरण’ करना है ताकि इसका लाभ केवल शहरों तक सीमित न रहकर गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

साइबर सुरक्षा और डीपफेक पर कड़ा रुख

तकनीकी विकास के साथ-साथ सरकार ने इसके खतरों पर भी चिंता जताई है। केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार डीपफेक और भ्रामक सूचनाओं (Misinformation) को लेकर सख्त है। उन्होंने कहा कि एआई जनरेटेड कंटेंट दिखाने वाले प्लेटफॉर्म्स की यह जिम्मेदारी होगी कि वे स्पष्ट करें कि सामग्री कृत्रिम मेधा (AI) से बनाई गई है। इसके साथ ही नागरिकों को सुरक्षित रखने के लिए ‘डिजिटल लिटरेसी’ पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

यह समिट स्पष्ट संदेश देता है कि राजस्थान अब पारंपरिक पर्यटन के साथ-साथ भविष्य की टेक्नोलॉजी और एआई क्रांति का भी नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह तैयार है।