मोदी गुजरात दौरे पर: आस्था, शौर्य और कूटनीति का संगम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 से 12 जनवरी तक गुजरात के तीन दिवसीय दौरे पर होंगे। इस दौरान वे धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेंगे, सांस्कृतिक विरासत को याद करेंगे, क्षेत्रीय विकास सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे और जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की मेजबानी करेंगे। दौरा सोमनाथ मंदिर से शुरू होगा और गांधीनगर तक चलेगा, जहां भारत की सांस्कृतिक दृढ़ता और आर्थिक प्रगति दोनों पर जोर रहेगा।

10 जनवरी: सोमनाथ पहुंचकर ट्रस्ट बैठक

पीएम मोदी शाम को गिर सोमनाथ जिले में सोमनाथ मंदिर पहुंचेंगे। वे सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट की बैठक की अध्यक्षता करेंगे। यह बैठक ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के संदर्भ में महत्वपूर्ण होगी, जो मंदिर पर हुए ऐतिहासिक आक्रमणों की याद और उसके बार-बार पुनर्निर्माण की गाथा को समर्पित है। मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष के रूप में पीएम मोदी विकास कार्यों की समीक्षा भी करेंगे।

11 जनवरी: स्वाभिमान पर्व में शौर्य यात्रा और राजकोट में विकास सम्मेलन

दूसरे दिन सुबह सोमनाथ मंदिर में दर्शन और विशेष पूजा करेंगे। इसके बाद वे ‘शौर्य यात्रा’ का नेतृत्व करेंगे, जिसमें 108 घोड़ों की सवारी शामिल होगी। यह यात्रा भारत की वीरता और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनेगी। यात्रा के बाद एक बड़ी सभा को संबोधित करेंगे। शाम को एक भव्य ड्रोन शो भी आयोजित होगा, जिसमें हजारों ड्रोन भाग लेंगे।

दोपहर में पीएम राजकोट पहुंचेंगे, जहां मारवाड़ी यूनिवर्सिटी में कच्छ-सौराष्ट्र क्षेत्र के लिए वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस (VGRC) का उद्घाटन करेंगे। यह सम्मेलन 11-12 जनवरी तक चलेगा और निवेश, उद्योग तथा क्षेत्रीय विकास पर केंद्रित रहेगा। कई देशों के प्रतिनिधि इसमें हिस्सा लेंगे।

12 जनवरी: जर्मन चांसलर से मुलाकात और सांस्कृतिक कार्यक्रम

तीसरे दिन अहमदाबाद में जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज का स्वागत करेंगे। दोनों नेता साबरमती आश्रम जाएंगे और महात्मा गांधी को श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे। इसके बाद साबरमती रिवरफ्रंट पर अंतरराष्ट्रीय पतंग उत्सव का शुभारंभ करेंगे।

इसके बाद दोनों नेता गांधीनगर के महात्मा मंदिर में द्विपक्षीय वार्ता करेंगे, जिसमें व्यापार, निवेश और रक्षा सहयोग जैसे विषय शामिल हो सकते हैं। वार्ता के बाद संयुक्त बयान जारी होने की संभावना है। दौरा समाप्त होने पर पीएम दिल्ली रवाना होंगे।

स्वाभिमान पर्व का व्यापक आयोजन

इस दौरे का मुख्य केंद्र ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ है, जो 8 से 11 जनवरी तक चलेगा। यह पर्व मंदिर पर 1026 में हुए पहले बड़े आक्रमण की 1000वीं वर्षगांठ और पुनर्निर्माण की भावना को याद करता है। राज्यभर में शिव मंदिरों में विशेष पूजा, भजन और अन्य धार्मिक आयोजन हो रहे हैं। पीएम मोदी ने इसे भारत की अटूट आस्था का प्रतीक बताया है।