ईरान में आर्थिक संकट के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज, 40 से अधिक मौतें, इंटरनेट बंद, ट्रंप की सख्त चेतावनी

ईरान में बढ़ती महंगाई, मुद्रा गिरावट और आर्थिक संकट के खिलाफ शुरू हुए विरोध प्रदर्शन अब देशव्यापी हो चुके हैं। पिछले 12 दिनों में सुरक्षा बलों की कार्रवाई से कम से कम 40 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि हजारों गिरफ्तारियां हुई हैं। सरकार ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए पूरे देश में इंटरनेट और टेलीफोन सेवाएं ठप कर दी हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी शासन को कड़ी चेतावनी दी है कि प्रदर्शनकारियों पर हिंसा जारी रही तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

प्रदर्शन की शुरुआत दिसंबर 2025 के अंत में तेहरान के ग्रैंड बाजार से हुई, जहां व्यापारियों ने दुकानें बंद कर मुद्रास्फीति और रियाल की गिरावट का विरोध किया। जल्द ही ये आंदोलन राजनीतिक हो गया, जिसमें लोग सर्वोच्च नेता अयातोल्लाह अली खामेनेई के खिलाफ नारे लगा रहे हैं। प्रदर्शन अब 100 से अधिक शहरों में फैल चुके हैं, जहां झड़पें और आगजनी की घटनाएं हो रही हैं।

मानवाधिकार समूहों के अनुसार, मौतों की संख्या 36 से 45 तक बताई जा रही है, जबकि सरकार इसे कम बता रही है। इंटरनेट ब्लैकआउट 8 जनवरी की रात से लागू है, जो प्रदर्शनों को संगठित होने से रोकने का प्रयास है।

ट्रंप ने कई बार कहा कि अगर शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाई गई तो अमेरिका हस्तक्षेप करेगा। ईरानी सेना को हाई अलर्ट पर रखा गया है, और कुछ रिपोर्ट्स में एयरस्पेस बंद करने की भी खबर है।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने ईरान से संयम की अपील की है, जबकि प्रदर्शनकारी आर्थिक सुधार और राजनीतिक बदलाव की मांग कर रहे हैं। स्थिति अभी तनावपूर्ण है और आगे बढ़ सकती है।