सर्दियों में बढ़ जाती है दांतों में झनझनाहट की समस्या

सर्दियों में आपके मुंह में अक्सर कई बदलाव आते हैं। इस मौसम में दांतों में झनझनाहट बढ़ जाती है, मुंह खुश्क होने लगती हैं, कई बार मसूड़ों में जलन या परेशानी होती है। और अक्सर इस तरह के लक्षणों का असर तब महसूस होता है जब गरम चाय का घूंट भरते ही सेसिटिविटी का अहसास होता है।

सर्दियों में सेंसिटिविटी क्यों बढ़ जाती है?

यह पूछे जाने पर डॉ. सोनिया दत्ता ने कहा कि ठंडी हवाओं के कारण आपके दांतों का इनेमल सिकुड़ने लगता है। यह बदलाव मामूली होता है, लेकिन इसकी वजह से दांवों की भीतरी परत हवा के संपर्क में आ जाती है। इसी कारण अचानक वापमान बदलने, गरम चीज पीने या ठंड से सेंसिटिविटी का अहसास होता है। 

इस मौसम में मुंह सूखने की समस्या बढ़ जाती है: घर के भीतर हीटर के इस्तेमाल से, हवा में नमी कम होने तथा कम पानी पीने की वजह से मुंह की लार कम हो जाती है। बहुत से लोग इसे नजर अंदाज करते हैं, लेकिन लार मुंह में एसिड़ के असर को खत्म करती है और प्लॉक जमने की प्रक्रिया को धीमा करती है। अगर मुंह में लार ठीक से नहीं बनेगी तो बैक्टीरिया आसानी से पनपेंगे और सांस में बदबू आने लगेगी। आपके मसूड़ों पर भी होता है मौसम का असरः सर्दियों में इम्युनिटी कम हो जाती है, इसलिए मसूझों पर भी जल्दी असर होता हैं। इस मौसम में मसूड़ों में सूजन होना या खून आना आम बात है, खासवौर पर तब अगर आप ठीक से दांतों की सफाई नहीं करते हैं। कुछ छेटी- छोटी आदतें सर्दियों में आपके मुंह के लिए फायदेमंद हो सकती हैं-खूब पानी पीएं, चाहे आपको प्यास न लगे। मुलायम ब्रश का इस्तेमाल करें: आपका इनेमल पहले से ज्यादा काम कर रहा है ज्यादा गर्म और ज्याद ठंडे पदार्थों के सेवन से बचें। दांतों और जीभ की सफाई का पूरा ध्यान रखें। आयुर्वेदिक टूथपेस्ट चुनें जो दांतों की सफाई अच्छी वरह करे। आयुर्वेद है कारगर: आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां सर्दियों में विशेष रूप से कारगर होती हैं, क्योंकि ये गर्माहट और आराम देती हैं। शुंठी यानि अदरक सूजन को दूर करने में कारगर हैं। मरीच यानि कालीमिर्च बैक्टीरिया से सुरक्षा प्रदान करती है। लौंग का तेल गर्माहट के साथ आरामदायक अहसास देता है। डाबर रैड जैसे टूथपेस्ट में कैमिकल्स के बजाए इन जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल किया गया है। यह टूथपेस्ट आईडीए की सील के साथ आता है। सर्दियों में सही रूटीन अपनाएं।